बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता अक्षय कुमार के सितारे इन दिनों गर्दिश में चल रहे है. तथा वह धड़ाधड़ बॉलीवुड में नई-नई फिल्मो में अपना शानदार अभिनय दोहरा रहे है. खबर है कि अभी वह अपनी रिलीज हो चुकी फिल्म जिसका नाम 'रुस्तम' हैके लिए काफी सुर्खियों में छाए हुए है. बॉलीवुड के सुपर खिलाडी और अब रुस्तम-ऐ-बॉलीवुड का ख़िताब पा चुके अक्षय कुमार की फिल्म रुस्तम आज फ़िल्मी परदे पर रिलीज हो गई है।फिल्म रुस्तम अक्षय कुमार, इलियाना डिक्रूज, ईशा गुप्ता और अर्जुन बाजवा जैसे सितारों से सजी है. वही फिल्म का निर्देशन किया है टीनू सुरेश देसाई ने और प्रोड्यूस किया है नीरज पांडे ने। तथा सुनने में आया है कि बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार की हालिया रिलीज फिल्म 'रुस्तम' को रितिक रोशन की फिल्म 'मोहनजोदड़ो' कीतुलना में बॉक्स ऑफिस पर अच्छी शुरुआत मिली है।व अक्षय की फिल्म की इस सफलता पर सलमान ने अक्षयकी जमकर तारीफ की है. अभी वैसे भी देखा जाए तो सलमान खान अपनी फिल्म ट्यूबलाइट में काफी व्यस्त है. देखा जाए तो रुस्तम ने अपने पहले दिन14.11 करोड़ की कमाई की थी व दूसरे दिन फिल्म ने 16.43 करोड़ की कमाई की, कुल मिलाकर देखा जाए तो फिल्म ने अभी तक 30.54 करोड़ का व्यवसाय कर लियाहै।
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Sunday, 14 August 2016
Wednesday, 10 August 2016
ये था दुनिया का सबसे बदनाम गाना, 62 साल रहा बैन
गानों को लेकर आपका क्या कहना है। जाहिर है कुछ अच्छा ही होगा। गाने दिल के करीब होते ही हैं। क्या आप जानते हैं कुछ गाने ऐसे भी हैं जिसको सुनने के बाद कईयों ने आत्महत्या कर ली।हम बात कर रहे हैं Sad Sunday गाने की जिसे 1933में हंगरी के संगीतकार Rezso Seress ने बनाया था। ये दुनिया के सबसे ज्यादा पॉपुलर और मनहूस गानों में गिना जाता है।इस गाने के बोल दिल को छू लेते हैं। ये गाना एक रोमांटिक साउंड ट्रैक है। इस गाने में प्रेमी मर जाता है पर प्रेमिका बाद में भी उससे मिलने की ख्वाहिश करती है। ये गाना अपने अंदर इतने दर्द को समेटे हुए है कि हर सुनने वाले को अपना दर्द महसूसहोने लगता है।फेमस होने के नाते 1941 में अमेरिकन जैज म्यूजिक के जादूगर माने जाने वाले Billie Holiday ने इस गाने का रीमेक बनाया। फिर भी इस गाने का नशा बरकरार रहा। लोगों के आत्महत्या करने में कोई कमी आई।यह गाना इतना बदनाम हो चुका था कि 1941 में BBC सहित कई देशों ने इस गाने पर प्रतिबंध लगा दिया और 63 वर्षों बाद 2003 में इससे बैन हटाया गया।ये थी इस गाने की कहानी जो इस दौर से गुजर चुके लोगों को अपनी सी लगती थी।
Sunday, 7 August 2016
तंगहाली में जिंदगी बसर कर रहे हैं क़ादर खान, परिवार नहीं करता देखभाल
पिछले 3 दशकों से बॉलीवुड फिल्मों के जरिए अपनी अदाकारी और संवाद लेखन का लोहा मनवा चुके क़ादर खान इस वक्त बेहद बुरे हाल में जी रहे हैं। 78 वर्षीय उम्दा कलाकार के परिवार के सदस्य उनकी ठीक तरीके से देख-भाल नहीं करते जिससे उनकी हालत बहुत अच्छी नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी पत्नी अज़रा खान और तीन बेटे सरफराज़, शहनवाज़ और कुद्दूस खान हैं लेकिन फिर भी क़ादर खान को देख-भाल के लिए नौकरों पर आश्रित रहना पड़ता है। जिससे उनकी तबियत ठीक नहीं रहती। गौरतलब है कि पिछले दिनों कादर खान की मृत्यु की अफवाहें भी उड़ी थी जिससे उनके फैन सकते में आ गए थे।क़ादर खान फिलहाल फौजिया अर्शी निर्देशित फिल्म ‘हो गया दिमाग का दही’ फिल्म कर रहे हैं। फौ़ज़िया खान ने अपने एक इंटर्व्यू में इस बात का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि क़ादर खान जैसे बड़े कलाकार की उनके परिवार के सदस्य अवहेलना कर रहे हैं। हालांकि फौज़िया खान कादर खान के साथ काम करने को लेकर काफी उत्साहित दिखाई दीं। कादर खान ने पिछली बार ‘मुझसे शादी करोगी’ फिल्म में काम किया था। इस साल की शुरुआत में अर्जुन कपूर अभिनीत फिल्म ‘तेवर’ से वापसी की जो बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई
मैं नुसरत साहब की बहुत बड़ी प्रशंसक हूं- हुमा कुरैशी
बॉलीवुड अभिनेत्री अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने कहा कि वह लोकप्रिय गायक नुसरत फतेह अली खान की बहुत बड़ी प्रशंसक हैं। वह उनके ‘दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी’ पर आधारित नए गीत ‘दिल्लगी’ में दिखाई देंगी।'गीत ‘दिल्लगी’ के लांच पर हुमा से मूल गीत के बारे में पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा, ‘‘बिल्कुल, मैंनेइसका मूल गीत सुना है। मैं नुसरत साहब की बहुत बड़ी प्रशंसक हूं।’’कव्वालियों को लेकर प्रसिद्ध हुए पाकिस्तानी गायक का 1997 में निधन हुआ था।संगीतकार सलीम-सुलेमान ने राहत फतेह अली खान की आवाज में यह गीत दोबारा बनाया है। गीत में हुमा, विद्युत जामवाल के साथ दिखाई देंगी। इसके कोरियोग्राफर किरण दियोहंस हैं।हुमा ने कहा, ‘‘जब मुझे इसके बारे में बताया गया कि राहत साहब यह गीत गा रहे हैं और इसमें विद्युत हैं, तो मैंने इसके लिए तुरंत हां कर दी। मैंने इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचा और किरण सर ने मेरा निर्देशन किया और मैंने उनसे कहा भी कि मैं खुश हूं कि आप शूटिंग कर रहे हैं क्योंकि मुझे पता है कि हम अच्छा कर रहे हैं।’’
इस एक्ट्रेस ने फिल्म के बदले किया 'जिस्म' से समझौता
बॉलीवुड में लंबे वक्त तक काम करने वाली हीरोइन टिस्का चोपड़ा ने इंडस्ट्री में फिल्म के बदले जिस्म से समझौता करने की एक सनसनीखेज कहानी बताई है। टिस्का ने अपने साथ हुए अनुभव को साझा किया है जिसमें डायरेक्टर के उन्हें रात को बुलाने और फिर उसके बाद बंद कमरे में जो हुआ वो पूरा अनुभव साझा किया।टिस्का ने 1993 में बॉलीवुड में शुरूआत की, फिल्म थी अजय देवगन की ‘प्लेटफॉर्म’। इसके बाद से वो लगातार फिल्में कर रही हैं लेकिन कभी भी वो मुख्य अभिनेत्रियों में शामिल नहीं हो सकीं। हमेशा साइडरोल ही उनके मिलते रहे। टिस्का ने एक कार्यक्रम में उस रात की कहानी बताई है जब उन्हें रात को डायरेक्टर ने कमरे में बुलाया। ये टिस्का के करियर का शुरूआती दौर था। क्या हुआ था उस रात टिस्का बताती हैं। ‘मुझे शुरू में सफलता मिली तो लगा कि अब करियर चल निकलेगा लेकिन कुछ ही दिन में मैंने पाया कि मेरे पास कोई काम नहीं हैं, मैं बिल्कुल खाली थी, काम की तलाश में थी कि एक दिन फोन जा दूसरी तरफ एक मशहूर निर्देशक थे’एक न्यूज़ पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार टिस्का बताती हैं ‘फोन पर मशहूर निर्देशक को पाकर मैं खुश थी, उन्होंने कहा कि तुम खाली हो तो मेरे पास क्यों नहीं आईं? खैर, मैं एक नई फिल्म बना रहा हूं और उसकेलिए हीरोइन की तलाश कर रहा हूं क्या तुम काम करोगी? खाली घर बैठे हों और नामी निर्देशक खुद कहेतो मना कौन कर सकता है. मैंने हां कहा तो उन्होंने कहा कल ऑफिस में आकर मिलो’टिस्का बताती हैं ‘मैं अगले दिन उसके ऑफिस पहुंची तो उसने मुझे देखकर कहा कि हील्स में कैसे चलते हैं यह तुम्हें सीखने की जरुरत है, मुझे लगा कि ठीक है कोई आदमी मुझमें दिलचस्पी दिखा रहा है. इसके बाद मैंने दोस्तों को बताया कि मैं फ्लां निर्देशक के साथ काम कर रही हूं तो सारे दोस्त नाक सिकोड़ने लगे, कहा कि तुम उसके साथ काम कर रही हो। मैंने कहा हां मैं कर रही हूं तो उन्होंने कहा कि तुम जानती हो’टिस्का ने बताया ‘दोस्तों ने कहा कि उस निर्देशक केसाथ काम करना मतलब शूट के दौरान उसके साथ कुछ भी करने को तैयार रहना होगा। मैंने कहा मुझ इस बारे में जानकारी नहीं है। मैं रातभर सोचती रही आखिर मैं फैसला किया जो होगा देखा जाएगा फिल्म तो करनी है लेकिन निर्देशक से कैसे बचूं?’‘मैंने सोचा की उसकी पत्नी से दोस्ती कर लेती हूं। मुंबई में शूटिंग शुरू हुई, सब ठीक चल रहा था। इसके बाद आउटडोर शूटिंग की बात आई और यहां से निर्देशक के अंदर का शख्स निकलना शुरू हुआ। शूटिंग के तीसरेदिन हमने कुछ अंतरंग सीन किए क्योंकि हीरो नहीं थातो उसने हीरो की शर्ट पहनी और शूटिंग की वो शूटिंग के सहारे मेरे साथ खूब चिपका, बाद में उसने मुझ से कहा शाम को मेरे रूम पर आना साथ में डिनर करेंगे औरस्टोरी पर चर्चा करेंगे। मैं समझ रही थी लेकिन मनातो कर नहीं सकती थी, होटल में हमारे कमरे भी एक ही फ्लोर पर थे। मैं सोच रही थी कि क्या करूं?’‘उस शाम बाकी की सारी क्रू ने बाहर डिनर खाने का प्लान बनाया था, लेकिन मुझे तो निर्देशक से मिलने जाना था। मैंने एक बड़ा सा बुके और ढेर सारी चॉकलेट खरीदी अच्छे से कपड़े तैयार होकर उसके दरवाजे पर पहुंची। मैंने दरवाजा खटखटाया तो पाया कि वो लुंगी पहने हुए बड़े रोमांटिक मूड में बैठे हैं। मैंने उसे चॉकलेट और बुके दिया साथ ही उसके गले लगकर धन्यवाद भी दिया। इससे पहले कि निर्देशक अपना असली रूप दिखात फोन बजा लाइन पर उसका बेटा था। मेरा प्लान काम कर रहा था’टिस्का आगे कहती हैं, ‘दरअसल, मैंने एक प्लान के तहतहोटल स्टॉफ से कहा था कि मेरे रूम के सारे कॉल उस निर्देशक के रूम पर शिफ्ट कर दें। मैंने फोन उठायातो उसके बेटे ने मुझसे पूछा कि डिनर के लिए बाहर चलना है तो मुझे कितनी देर लगेगी? मैंने उससे कहा कि मैं सर के रूम में हूं और स्टोरी पर चर्चा कर रही हूं। इसके बाद मैंने निर्देशक से पूछा सर, 10 मिनट लगेंगे या 15 मिनट काफी रहेंगे। इसके बाद पांच-छह कॉल और आ गए’‘जब निर्देशक के बेटे और टीम से कई लोगों के फोन आ गए और सबको मैंने कहा कि मैं निर्देशक के कमरे में हूं तो फिर उसका फितूर उतर गया और मैंने फिल्म पूरी की। मैंने सोच रखा था कि अगर ये प्लान कारगर ना रहा तो फ्लाइट पकड़ कर वापस आ जाना है।’ टिस्का ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि अब हीरोइनों को ज्यादा कास्टिंग काउच का शिकार नहीं होना पड़ता और इसकी एक बड़ी वजह ये है कि ज्यादातर कास्टिंग डायरेक्टर गे हैं।
Saturday, 6 August 2016
क्या सिंदूर लगाने की वजह से अल्लाह मुझे दोजख में भेज देंगे?- सना शेख
टीवी सीरियल 'कृष्णदासी' में आराध्या नाम का किरदार निभा रहीं ऐक्ट्रेस सना शेख को पिछले दिनों मुस्लिम कट्टरपंथियों की नाराजगी का शिकार होना पड़ा। हालांकि, सना ने फेसबुक के जरिए उन्हें करारा जवाब भी दे डाला है। दरअसल, धर्म और रीति-रिवाज के नाम पर हंगामा मचानेवाले कुछ मुस्लिम कट्टरपंथियों को सना का सीरियल में अपने किरदार के लिए सिंदूर लगाना रास नहीं आया। शो में सना एक मराठी लड़की के किरदार में हैं,जो शादीशुदा हैं और किरदार में ढलने के लिए उन्हेंयह सब करना पड़ता है। सना ने इस मामले पर जवाब देनेके लिए सोशल साइट को जरिया बनाया और फेसबुक पर उन्हें जमकर सुनाया है। उन्होंने लिखा है कि सिंदूर लगाने से उनके मुसलमान होने पर कोई फर्क नहीं पड़ता। उनका कहना है कि उनकी मां और नानी दोनों मंगलसूत्र पहनती हैं और यह सुहाग का प्रतीक है। उनका कहना है कि क्या इससे वह कम मुसलमान हो जाती हैं?
Wednesday, 3 August 2016
आखिर इतनी भीड़ क्यों उमड़ी देखने के लिए क्या हुआ था ऐसा।
अपने चहेते कलाकार की इक झलक पाने के लिए लोगो ने पुलिस की लाठियो की परवाह किये बगैर जान सेलाब उमड़ आया,कानपुर,फिल्म का प्रमोशन करने शहर आए अभिनेता अक्षय कुमार को देखने के लिए प्रशंसकों की हूजुम उमड़ पड़ा।आलम यह रहा कि पुलिस को लाठी पटककर खदेड़ना पड़ गया।बावजूद इसके अभिनेता को देखने का सुरूर लोगों में कम नहीं हुआ।शुक्रवार से सिनेमाघरों में लगने वाली फिल्म रूस्तम के प्रमोशन को लेकर बुधवार अक्षय कुमार फिल्म में हीरोइन की भूमिका निभा रही अभिनेत्री इलयाना व ईशा गुप्ता के साथ देर शाम कानपुर पहुंचे। कानपुर के रेवमोती में आए मिस्टर खिलाड़ी के नाम में मशहूर अभिनेता अक्षय की एक झलक पाने को युवतियों को क्रेज देखते ही बन रहा था।युवा के साथ-साथ हर उम्र के लोग भी हीरो-हीरोइन के दीदार और उनकी बात सुनने की चाह में अपने को रोक नहीं सके।भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के बंदोबस्त किए गए थे, लेकिन वह सभी नाकाफी साबित हुए।जिसके बाद पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर खदेड़ना पड़ा। बावजूद इसके प्रशंसक का उत्साह कम नहीं हुआ। अभिनेता ने प्रशंसकों का अभिवादन कर सिनेमाघरों में लगने वाली अपनी फिल्म रूस्तम को देखने के बात रखी और फ्लाइंग किस देते हुए फिल्म का गीत गाकर समां बांध दिया।
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