लन्दन: यूरोपीय संसद के सदस्य जॉर्ज शीपलैन इस परियोजना पर गंभीर आलोचना की जा रही है, जिसमें उन्होंने सुझाव दिया है कि मुस्लिम प्रवासियों को देश में प्रवेश से रोकने के लिए सीमा के बाड़ों में सुअर के कटे हुए सिर स्थापित कर देना चाहिए।Facebook पे हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करियेसमाचार एजेंसी एपी ने हंगरी के नेताओं और यूरोपीय संसद के सदस्य जॉर्ज शीपलैन के हवाले से बताया है कि सर्बिया से कनेक्ट हंगरी सीमाओं पर स्थापित बाड़ों में सुअर केकटे हुए सिर स्थापित कर देना चाहिए ताकि मुस्लिम प्रवासी भयभीत होकर देश में प्रवेश होने से बचे।हंगरी सरकार ने देश में अवैध प्रवासियों के आगमन के सिलसिले को रोकने की खातिर सर्बिया से संबद्ध अपनी सीमा जलमार्ग पर कांटेदार बाधायें स्थापित कर रखी हैं लेकिन शरणार्थियों की कोशिश है कि वह इन बाधाओं को पार करते हुए शेंगेन क्षेत्र के सदस्य राज्यहंगरी प्रवेश कर जाएं। इस प्रवासी बाद में मध्य और उत्तरी यूरोपीय देशों में जाने की कोशिश करते हैं।
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Wednesday, 24 August 2016
Sunday, 7 August 2016
ईसा मसीह अल्लाह का गुलाम, हम इसलिए करते हैं हत्याएं: ISIS
दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस ने अपनी मैगजीन दाबिक का नया अंक जारी किया है। इसमेंउसने जीसस को अल्लाह का गुलाम बताया है और ईसाइयोंको धमकाते हुए कहा है कि वे अपना धर्म छोड़ दें। मैगजीन में आतंकी संगठन ने यह दावा भी किया है कि वह पूरी तरह इस्लामिक है और उसने यह बताने की कोशिश की है कि इस्लाम एक शांतिप्रिय धर्म नहीं है।एनबीटी की एक खबर के मुताबिक, 'ब्रेक द क्रॉस' नाम से जारी दाबिक के पंद्रहवें संस्करण में आईएसआईएसने इस बात के कई कारण गिनाएं हैं कि क्यों वह विदेशियों से नफरत करता है और उनकी हत्याएं करता है। बतौर एक कारण उसने कहा, 'हम तुमसे नफरते करते हैं, इसका सबसे पहला और प्रमुख कारण यह है कि तुम लोग काफिर हो। तुम अल्लाह को खारिज करते हो।' अन्य कारणों के तौर पर उसने 'इस्लाम के खिलाफ अपराध', 'मुसलमानों के खिलाफ अपराध' और 'हमारी जमीन पर आक्रमण' की बात कही है।मैगजीन में कहा गया, 'जब तक जमीन की एक भी इंच हमारे कब्जे से बाहर है, हर मुसलमान के लिए जिहाद निजी दायित्व के तौर पर जारी रहेगा।' दाबिक के इस संस्करण में ज्यादा जोर इस बात पर दिया गया है कि जीसस, अल्लाह के गुलाम थे और उनको कभी भी सूली पर नहीं चढ़ाया गया था।इस मैगजीन की शुरुआत में ही आईएसआईएस ने हाल में हुए सभी आतंकी हमलों की जिम्मेदारी ली है। इन हमलों में जर्मनी के विर्त्सबू , फ्रांस के नीस और अमेरिका के ऑरलैंडों में हुए हमले शामिल हैं। आईएसआईएस ने कहा कि इन हमलों को 'खलीफा के छुपे हुए सैनिकों ने अंजाम दिया था।'
Tuesday, 2 August 2016
ईसाई अपना धर्म छोड़े, इसा मसि थे अल्लाह के गुलाम:isis
आतंकी संगठन isis का इक के बाद इक नया फरमान जारी हो जाता है,कभी निर्दोष को मौत के घाट उतारता हुआ वीडियो,तो कभी खुदको जेहाद के नाम से जोड़कर गैर मुस्लिमो पर करते ज़ुल्म,आखिर क्या है इनका मकसद आये बताते है इन्ही की ज़ुबानी,दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस ने अपनी मैगजीन दाबिक का नया अंक जारी किया है। इसमेंउसने जीसस को अल्लाह का गुलाम बताया है और ईसाइयोंको धमकाते हुए कहा है कि वे अपना धर्म छोड़ दें। मैगजीन में आतंकी संगठन ने यह दावा भी किया है कि वह पूरी तरह इस्लामिक है और उसने यह बताने की कोशिश की है कि इस्लाम एक शांतिप्रिय धर्म नहीं है।एनबीटी की एक खबर के मुताबिक, 'ब्रेक द क्रॉस' नाम से जारी दाबिक के पंद्रहवें संस्करण में आईएसआईएसने इस बात के कई कारण गिनाएं हैं कि क्यों वह विदेशियों से नफरत करता है और उनकी हत्याएं करता है। बतौर एक कारण उसने कहा, 'हम तुमसे नफरते करते हैं, इसका सबसे पहला और प्रमुख कारण यह है कि तुम लोग काफिर हो। तुम अल्लाह को खारिज करते हो।' अन्य कारणों के तौर पर उसने 'इस्लाम के खिलाफ अपराध', 'मुसलमानों के खिलाफ अपराध' और 'हमारी जमीन पर आक्रमण' की बात कही है।मैगजीन में कहा गया, 'जब तक जमीन की एक भी इंच हमारे कब्जे से बाहर है, हर मुसलमान के लिए जिहाद निजी दायित्व के तौर पर जारी रहेगा।' दाबिक के इस संस्करण में ज्यादा जोर इस बात पर दिया गया है कि जीसस, अल्लाह के गुलाम थे और उनको कभी भी सूली पर नहीं चढ़ाया गया था।इस मैगजीन की शुरुआत में ही आईएसआईएस ने हाल में हुए सभी आतंकी हमलों की जिम्मेदारी ली है। इन हमलों में जर्मनी के विर्त्सबू , फ्रांस के नीस और अमेरिका के ऑरलैंडों में हुए हमले शामिल हैं। आईएसआईएस ने कहा कि इन हमलों को 'खलीफा के छुपे हुए सैनिकों ने अंजाम दिया था।'
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