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Saturday, 10 September 2016

शहाबुद्दीन रिटर्न: 1300 गाडियों केकाफिले में मंत्री नेता और समर्थकों का हुजूम शामिल

बिहार के बाहुबली नेता शहाबुद्दीन की जेल सेरिहाई के साथ ही बिहार में एक बड़े खेमे में जश्न है. हत्या के मामले में हाई कोर्ट से दोषी करार दिए जा चुके शहाबुद्दीन को जमानत पर रिहा किया गया है. मगर 11 साल बाद जेल से बाहर निकलने के बाद भी शहाबुद्दीन के तेवर बरकरार हैं. जानिए शाहबुद्दीन के रिहा होने की दस खास बातें- माफिया डॉन और बाहुबली नेताशाहबुद्दीन को शनिवार की सुबह करीब आठ बजे भागलपुर जेल रिहा किया गया. पूर्व सांसद की अगवानी करने के लिए उनके हजारों समर्थक जेल के बाहर जुटे थे.जेल से बाहर आते ही शहाबुद्दीन जब आज तक से मुखातिब हुए तो उन्होंने सीधे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोल दिया. उन्होंने कहा कि वे नितिश को अपना नेता कभी नहीं मानते. उनके नेता केवल लालू प्रसाद यादव हैं.11 साल की जेल के बाद खुली हवा में सांस लेने वाले बाहुबली शहाबुद्दीन के दामन पर भले ही जुर्म के कई दाग हैं. लेकिन जेल से बाहर निकलते वक्त उन्होंने सफेद रंग का कुर्ता पायजामा पहन रखा था.जेल के बाहर आते ही बाहुबली को समर्थकों ने घेर लिया. हजारों समर्थक शहाबुद्दीन की एक झलक पाने के लिए उतावले दिखाए दे रहे थे. कई समर्थक फूल मालाएं लेकर आए थे. जो उन्होंने शाहबुद्दीन को पहनाईं और जो नहीं पहना सके, उन्होंने उनकी कार पर ही मालाएं फेंक दी.मोहम्मद शाहबुद्दीन 1300 गाड़ियों के काफिल के साथ भागलपुर जेल से अपने गृह क्षेत्र सीवान के लिए रवाना हुए. उनके काफिले में बिहार सरकार के कई मंत्रियों सहित महागठबंधन के लगभग 30 विधायकों भी शामिल हुए. इसके अलावा शाहबुद्दीन के साथ काफिले में कई राजद नेताओं के शामिल होने की भी उम्मीद है.शाहबुद्दीन के रिहा होने से पहले ही बांका की बेलहर विधानसभा सीट से विधायक गिरधारी यादव ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा था कि शहाबुद्दीन शनिवार सुबह आठ बजे भागलपुर सेंट्रल जेल से रिहा होंगे. उनके काफिले में 1300 गाड़ियां शामिल होंगी. और शनिवार की सुबह बिल्कुल ऐसा ही हुआ.

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अब बिरयानी पर होगी सियासत,अगर निकला बीफ तो सज़ा बेचने वाले और किसान को भी।

नई दिल्ली: भारत में बिरयानी आयोग की सख़्त ज़रूरत है। प्रांत और माँस के अलग अलग प्रकारों को देखते हुए ज़रूरी है कि बिरयानीआयोग कम से कम दस सदस्यीय हो। आयोग का हर सदस्य कम से कम एक बिरयानी का ज्ञाता हो और दोस्तों के बीच बिरयानी खाने को लेकर मशहूर हो। बिरयानी आयोग में कोई शाकाहारी सदस्य नहीं होगा। सिर्फ गली चौराहे से बिरयानी के सैंपल उठाने वाले कर्मचारी शाकाहारी होंगे ताकि उन पर सैंपल की धौंस दिखाकर दो प्लेट बिरयानी मुफ़्त में चपत कर जाने का आरोप न लगे।बिरयानी आयोग के सदस्यों खाकर बताना होगा किबिरयानी कैसी बनी है मतलब किस चीज़ की बनी है। वो घर से लंच नहीं लायेंगे। जो सैंपल आएगा उसी में से खाते रहेंगे। खा खा कर बतायेंगे कि चिकन बिरयानी है या मटन या बीफ या आचारी या अंडा बिरयानी है।बिरयानी आयोग के सदस्य दोपहर बाद आयेंगे जब बाज़ार में सड़कों के किनारे बिरयानी की देगरखी जाती है। कुछ जगहों पर दोपहर से पहले ही मिलने लगती है। इन दिनों भारत में ग़रीब तबक़ा मोमो और गन्ने के जूस की तरह बिरयानी बेचने निकल पड़ा है। जो घर में बनाता था वही बाहर बना कर बेच रहा है। पहले सड़क पर इतनी मात्रा में बिरयानी नहीं मिलती थी। रेस्त्रां में या फिर शादी में बनती थी। जिनके घर में अम्मी अंकल बिरयानी बना लेते थे हम उस घर से कभी बिगाड़ नहीं करते थे। बिरयानी खाने का चांस मैं नहीं गँवा सकता था। बहरहाल गरीब बिरयानी बेचकर अपना गुज़ारा कर रहा है। ग़रीब का गुज़ारा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।इसके लिए देग देग घूम कर बिरयानी के सैंपल लिये जाएँगे। उनकी जाँच होगी कि बिरयानी मेंबीफ है या नहीं। बिरयानी में चावलों के बीच छिपा हुआ माँस बीफ भी हो सकता है। चैनलों के मुताबिक़ आपत्तिजनक अवस्था में हो सकता है या घोर आपत्तिजनक अवस्था में भी हो सकता है। सैंपल वाले माँस की कान पकड़ लैब ले जायेंगे। अगर बीफ साबित हुआ तो बिरयानी वालेको सज़ा होगी। जेल जायेगा। अगर चावलों ने भी बीफ छिपाने में मदद की है तो उन्हें या उन्हें उगाने वाले किसान को भी जेल जाना होगा। राष्ट्रीय बिरयानी आयोग बिरयानी को लेकर एक नई नीति लेकर आएगा।अगर बिरयानी में बीफ नहीं निकला तो उसे दोष मुक्त बिरयानी का ख़िताब दिया जाएगा। सरकारी बिरयानी का मुहर लगेगा। जो बिरयानी दोषी होगी,उसे आयोग के सदस्य चुपचाप खा जाएँगे। पर्यटकों के लिए ‘ख़ास बिरयानी’ का लाइसेंस मिलेगा, जिसे वीज़ा दिखाकर प्राप्त किया जा सकेगा। फ़ाइव स्टार होटलों की बिरयानी के सैंपल नहीं लिये जायेंगे। शादी ब्याह के दौरान हमारे आयोग की टीम छापे मारेगी। बिरयानी का सैंपल लेकर बारात को कमरे में ही सील कर देगी। अगले दिन सैंपल रिपोर्ट आने के बाद ही बाराती खा सकेंगे और घर जा सकेंगे।जल्दी ही अलग से एक बिरयानी पुलिस होगी। जो आगे चलकर कबाब, कोरमा और करी से सैंपल लेगी। ये पुलिस शाकाहारी होंगे ताकि सैंपल रास्ते में चपत न कर जायें। बिरयानी इंस्पेक्टर, कोरमा इंस्पेक्टर और एस एस पी ( करी), डी एस पी ( कबाब) होंगे। बिरयानी बनाने वालों की शामत आएगी। उन पर डर का साया होगा। धीरे धीरेबिरयानी समाप्त हो जाएगी। धीरे धीरे ग़रीब समाप्त हो जाएँगे। इसके लिए वर्ष 20420 तक का लक्ष्य रखा गया है।राष्ट्रीय बिरयानी आयोग वेज बिरयानी की प्रतियोगिता आयोजित करवायेगा ताकि नॉन वेज बिरयानी की लोकप्रियता कमज़ोर हो। गोश्त का कोई दोस्त नहीं होता, ये हमारा नारा होगा। भयमुक्त बिरयानी का अभियान चलेगा। बाकी जो नहीं चलेगा वो खाकर टी वी स्टुडियो चला जाएगा और बिरयानी की बात करने वालों को निपटा आएगा । बिरयानी आयोग का आइडिया मेरा है। आप सपोर्ट करेंगे तो हम कटहल की सब्ज़ी से लेकर आलू दम के भी सैंपल उठायेंगे। बिरयानी मुक्त भारत बनायेंगे। नहीं बना सकेंगे तो बिरयानी खा जायेंगे।रविश कुमार

सफाई देते-देते थक चूका हु,आप विधायक अमानतुल्लाह खान ने दिया इस्तीफा।

दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष और आम आदमी पार्टी के नेता अमानतुल्लाह खान ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक पत्र लिखकर अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। इस पत्र में उन्होंने अपने कार्यकाल के बारेमें जिक्र करते हुए लेख है कि दिल्ली विधानसभा में विधायक चुने जाने के बाद से मैंने अपने काम को पूरी लगन और मेहनत के साथ किया है। मैंने हमेशा दिल्ली के लोगों की सेवा करना चाहा और इसे अपने फर्ज की तरह समझ है। वक्फ बोर्ड का चेयरमैन बनने के बाद मैंने पुरानी सरकार के कई घोटालों को लोगों के सामने लेकर पेश किया। लेकिन विरोधियों कोमेरी ईमानदारी और लोगों के लिए सेवा भाव पसंद नहीं आ रहा है क्योंकि उनका काम सिर्फ देश को लूटना है। मुझे और मेरे परिवार को तरह-तरह के झूठे आरोप लगाकर फसाया गया है और अब आलम ये है कि मैं जनता को सफाई देते-देते थक गया हूं क्योंकि अब मेरे सब्र का बांध टूटचुका है। इसलिए मैंने अत: मैं सरकार की दी हुई जिम्मेदारियों से मुक्त हो जाने का फैसला ले लिया है और सभी पदों से इस्तीफा दे रहा हूं।

देश चलता है प्रेम से गुंडागर्दी से नहीं चल सकता: राहुल गांधी

उत्तर प्रदेश: 2017 चुनावी जंग के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश के जौनपुर में रोड शो करने पहुंचे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की सपा सरकार के खिलाफ गरजते हुए कहा कि हमारे खून के अंदर ये बात है कि ये देश सबका है, किसी एक जाति-धर्म, व्यक्ति या संगठन का नहीं। राहुल ने कहा मोदी सरकार अगर सोचती है कि ये देश गुस्से या लोगों में डर फैला गुंडागर्दी करके चलाया जाए तो ये मुमकिन नहीं क्योंकि देश कभी गुस्से या डर से नहीं चल सकता। प्यार से चल सकता है। मोदी इस वक़्त सिर्फ जनता को एक दूसरे से लड़ाने का काम कर रहे है इसी लिए मोदी और आरएसएस के खिलाफ कांग्रेस पार्टी लड़ती है। बुलेट ट्रैन का सपना दिखा इन्होंने आम लोगों के लिए ट्रैन से सफर करना महंगा कर दिया है। राहुल गांधी ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपी में बिजली नहीं आती लेकिन उसका बिल पहले आ जाता है। उन्होंने कहा कि वो किसानों, युवाओं, छात्रों, दलितों व अल्पसंख्यकों को साथ लेकरचलेंगे और घर-घर जाकर किसानों के कर्ज की सूची तैयार करेंगे।

Tuesday, 6 September 2016

अब हमारे हाथ में हैं आरएसएस की गर्दन, जब चाहे मरोड़ दें: कपिल सिब्बल

नई दिल्ली:महात्मा गाँधी की हत्या का इल्जाम आरएसएस पर डालने पर अब राहुल गाँधी को यह अदालत में भी साबित करना है कि महात्मागाँधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के आरएसएस के साथ बहुत गहरे संबंध थे। इसे साबित करने के लिए राहुल के वकील कपिल सिब्बल तरह-तरह केजुगत लगाकर सबूत हासिल करने की कोशिश में लगे हैं। गोडसे को आरएसएस का सदस्य साबित करने के लिए कपिल सिब्बल महात्मा गाँधी के परपोते तुषार गाँधी की किताब के अलावा मार्कजे, मनोहर मलगांवकर, एस इस्लाम, कोएनराड एल्स्ट जैसे लेखकों की किताबों को इकट्ठा कररही हैं। इनमें से मार्क-जे की किताब ‘द न्यू कोल्ड वॉर रिलिजियस नेशनलिस्ट कंफ्रन्ट द सेक्युलर स्टेट’ है। जिसमें लिखा गया है कि”’नेहरू ने फ़रवरी 1948 को होम मिनिस्टर को पत्र लिखकर बताया था कि गाँधी जी की हत्या एकबड़े अभियान का हिस्सा था, और यह अभियान आरएसएस का था। वहीँ मनोहर मलगांवकर की किताब‘द मैन हु किल्ड गाँधी’ में कहा गया है कि गोडसे आरएसएस का सदस्य था। कपिल सिब्बल का कहना है कि उन्हें संघ का पर्दाफाश करने का इससे बेहतर मौका नहीं मिलेगा और इसके वह अदालत में संघ प्रमुख मोहन भागवत इन मुद्दे पर अदालत में बहस करने के लिए बुलाएँगे।

ग़रीब डाटा खाएगा या आटा,लालू का सरकार पर हमला

पटना 06 सितम्बर: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी)के सदर लालू प्रसाद यादव ने रिलाइंसजीव के सस्ते डाटा पर तंज़ करते हुए कहा है कि ग़रीब डाटा खाएगा या आटा। यादव ने ट्वीट करके कहा कि ग़रीब डाटा खाएगा या आटा।।डाटा सस्ता आटा महंगा यही उनके मुल्क बदलने की तारीफ़ है।उन्होंने कहा कि लगे हाथ ये भी बता दो ,काल ड्राप का मसला कौन सुलझाएगा। काबिल-ए-ज़िक्र है कि रिलाइंस जीव सिम का मुतालिबा मुल्क भर में ज़ोरों पर है और हर-रोज़ उस सिम के लिए हज़ारों नई दरख़ास्तें मौसूल हो रही हैं। जीव 50 रुपए में एक जीबी डाटा और ज़्यादा इस्तेमाल करने पर 25 रुपए फ़ी जीबी देने का एलान किया है।

पाकिस्तान जाने के लिए बेताब हैं मोदी: भारतीय उच्चायोग

दिल्ली/इस्लामाबाद:देश में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से अपने विरोध में उठनेवाली हर आवाज़ को पाकिस्तान चले जाओ कहकर चुप करवाने वाले नेताओं और मित्रों के मुँह बंद होने वाले हैं क्योंकि आज जो खबर हम सबके सामने आई है वो है ही कुछ ऐसी।खबर मिली है की देश के प्रधानमंत्री मोदी पकिस्तान जाने के लिए बहुत बेताब हैं और दिन गिन रहे हैं कि कब सार्क सम्मलेन शुरू हो और कब वो उसमें शिरकत करने पाकिस्तान पहुंचें। यह खबर दी है पाकिस्तान में बतौर भारतीय उच्चायुक्त काम कर रहे गौतम बॉम्बावले ने। बम्बावाले का कहना है कि भविष्य का तो पता नहीं लेकिन आज की बात करें तो मोदी पाकिस्तान में आकर सार्क सम्मलेन में शिरकत करने के लिए बहुत बेताब हैं।

जब कानून सबके लिए बराबर तो मोदी राज में क्यूं नहीं है सुप्रीम कोर्ट में एक भी मुस्लिम जज

हाल ही में हुए एक सर्वे के मुताबिक़ की सुप्रीम कोर्ट में एक भी मुस्लिम जज नहीं है। आखिरी बार 2012 में सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम जज की नियुक्ति की गई थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक जस्टिस एम.वाई.इकबाल और जस्टिस फकीर मोहम्मद 2012 में जज बने थे जोकि इस साल रिटायर हो गए हैं। पिछले 11 वर्षों में ऐसा पहली बार और पिछले करीब तीन दशकों में ऐसा दूसरी बार हुआ है कि देश की सुप्रीम कोर्ट में कोई मुस्लिम जज नहीं है। हालांकि कहा जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार के बीच हाईकोर्ट्स में जजों कीनियुक्ति को गतिरोध के चलते काफी देरी लग रही है। गौरतलब है कि जजों की नियुक्ति में देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के प्रति अपनी नाराजगी भी जाहिर की है। आपको दें कि सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला जस्टिस एम. फातिमा बीवी जज भी एक मुस्लिम थीं जोकि 6अक्टूबर 1989 से 29 अप्रैल 1992 तक सुप्रीम कोर्ट में जज थीं। सुप्रीम कोर्ट सेरिटायर हो चुके 196 और मौजूदा 28 जजों में कुल 17 (7.5 प्रतिशत) जज मुस्लिम रहे ह

Sunday, 4 September 2016

इंटरव्यू देकर हीरो बन रहे मोदी असल मे प्रधानमंत्री के नाम पर धब्बा हैं:कांग्रेस

नई दिल्ली:प्रधानमंत्री मोदी के हाल ही दिए गए इंटरव्यू की जहाँ उनके चाहने वाले तारीफों के पुल बाँध रहे है वहीँ विपक्षी दल उनका विरोध कर रहे हैं।  कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी के दिए गए इंटरव्यू  को ‘झूठ’ का पुलिंदा करार देते हुए कहा कि मोदी ने प्रधानमंत्री पद की  गरिमा की परवाह किए बिना उन्होंने देश को फिर गुमराह किया है। कांग्रेस के सीनियर स्पोक्समैन आनंद शर्मा ने कहा कि मोदी का यह इंटरव्यू  कम और ‘प्रवचन’ ज्यादा था और पूरा इंटरव्यू गलत तथ्यों पर आधारित है। इंटरव्यू में पूछे गए सवाल ऐसे लग रहे थे मानों प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा तैयार किए गए हो। भारत की अर्थव्यवस्था की बात कर रहे मोदी असल में देश के आर्थिक हालात के बारे में बहुत कम जानते हैं। मोदी ने कहा है कि बदले की भावना से काम नहीं कर रहे लेकिन अगर सच में ऐसा होता तो हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के घर पर उस दिन सीबीआई की टीम नहीं पहुंचती जिस दिन उनकी बेटी की शादी हो रही थी। बीजेपी हमेशा कांग्रेस पर निशाने साधने में लगी रहती है।

अयोध्या में किए नरसंहार के लिए मुलायम सिंह और आजम खान को बीजेपी और राम भक्त कतई माफ़ नई करेंगे: साक्षी महाराज

उत्तर प्रदेश के उन्नाव से सांसद और बीजेपी नेता साक्षी महाराज ने ब्यान दिया है कि बीजेपी ऐसी पार्टी है कि अगर बीजेपी विरोधी भी इस पार्टी में शामिल होने की इच्छा जाहिर करें तो उनका भी स्वागत करेंगे। फिर चाहे मायावती, सोनिया गाँधी या मुलायम सिंह यादव क्यों न हो हम उनका भी तहे-दिल से स्वागत करेंगे और बीजेपी को इससे भी कोई ऐतराज भी नहीं होगा। लेकिन अयोध्या में हुए नरसंहार को हम और राम भक्त सूरज चांद रहने तक आजम खान और मुलायम सिंह यादव को माफ़ नहीं करेंगे।

इमाम और धर्मगुरुओं पर हमले किए गए तोआर-पार की लड़ाई के लिए मजबूर होना पड़ेगा-आज़म खान

रामपुर । स्वार में आयोजित जनसभा जनसभा में सूबे के कद्दावर मंत्री आजम खां ने पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान जाकर देश के सम्मान को ठेस पहुंचाई है। सीमा पर सैनिकों का खून बह रहा है और हमारे पीएम पाकिस्तान केप्रधानमंत्री की मां के पैर छू रहे हैं। कश्मीर मुद्दे पर शनिवार को आजम ने कहा कि वहअब उन्हें देश का प्रधानमंत्री बना दें तो हफ्ते भर में दोनों कश्मीर एक कर देंगे।Facebook पर हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करेंउन्होंने कहा कि आरएसएस मुख्यालय के इशारे पर मीडिया उनके चरित्र हनन करने का प्रयास कर रहा है। ऐसे हमले सियासतदानों तक तो बर्दाश्त हो सकते है, लेकिन इमाम और धर्मगुरुओं पर हमले किए गए तो आर-पार की लड़ाईके लिए मजबूर होना पड़ेगा। भाजपा और संघ के मुख्यालय से इशारा होते ही ऐसी घिनौनी साजिशें हुई कि हमारे धर्मगुरुओं पर एक अखबार के जरिये अय्याशी के कारोबार के नाम पर उनका चरित्र हनन किया जाने लगा। धर्मगुरुओं के खिलाफ यह साजिशें बर्दाश्त नही होंगी।

गौ-रक्षा के नाम पे आतंक का नया मामला: चिकन-फ़ीड को गाय का गोश्त समझ कर जला डाला ट्रक

भोपाल: एक बार फिर गौ-रक्षकों के नाम पर आतंक फैलाने की घटना सामने आई है. मध्य प्रदेश की क़ानून व्यवस्था जैसे चरमरा सी गयी है, रोज़ एकनयी वारदात सुनने को आती है. ताज़ा मामला है ज्होरा गाँव का जहां पर मुर्गीयों के चारे को गाय का गोश्त समझ कर गौ-आतंकियों ने एक ट्रक को जला दिया. लोकल पुलिस इंस्पेक्टर एच सी लाडिया ने इस मामले में सख्त कार्यवाही की बुनियाद पर दो गौ-आतंकियों को गिरफ़्तार कर लिया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ये लोग बजरंग दल से जुड़े हुए थे लेकिन पुलिस ने अभी इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है. इस मामले में बबलू ठाकुर और गौरव ठाकुर नाम के दो कथित गौ-आतंकियों को गिरफ़्तार किया गया है. ये ट्रक उत्तर प्रदेश के लिए रवाना था. ट्रक के मालिक राजेश जैन ट्रक के केबिन से किसी तरह भागे लेकिन उन्हें इन गौ-आतंकियों की भीड़ ने पकड़ लिया और उनको बुरीतरह मारा. कुछ ही मिनटों में उग्र गौ आतंकियों ने ट्रक में आग लगा दी.देश में जिस तरह से गौ-रक्षा के नाम पर आतंक बढ़ रहा है वो एक सोचने का विषय बन गया है और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में जहां क़ानून व्यवस्था बहुत कमज़ोर दिखती है वहाँ इनका क़हरबरपा है.

मुसलमानों के हक़ में सामने आईं ममता; मुहर्रम के लिए दुर्गा पूजा के वक्त में किया बदलाव

कोलकाता:इस साल हिंदुओं के त्यौहार दुर्गा पूजा जोकि कोलकाता में बहुत ही धूम-धाम से मनाया जाता है और मुसलमानों का त्यौहार मुहर्रम एक साथ ही आ रहे हैं। जिसके चलते शहरमें कोई सांप्रदायिक तनाव पैदा न हो इसलिए बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुहर्रम के मौके पर मुसलमानों के तुष्टीकरण के लिए दुर्गा विसर्जन के वक़्त में कुछ बदलाव किया है और हिंदुओं को मूर्ति विसर्जनदशहरे के दिन दोपहर 4 बजे के अंदर करने के लिए कहा है।Facebook पर हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करेंइस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने ममता के फैसले पर विरोध जताते हुए कहा है कि ऐसा ‘फतवा’ निकालकर ममता ने हिंदुओं की धार्मिक परंपराओं को पैरों तले कुचलने का काम किया है और दूसरी तरफ विरोध और हिन्दुओं के क्रोध से बचने के लिए राज्य के दुर्गा उत्सव मंडलों को दान देने का लालच दिखाया है। मुसलमानों की बैठक बुलाकर उनको मुहर्रम के वक़्त को बदलने का अनुरोध क्यों नहीं किया। गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने पिछले साल भी इसी तरह का आदेश दिया था।

आज़म खान के छोटे बेटे अब्दुल्ला अपने हाथ आजमाएंगे चुनाव मैदान मे !

लखनऊ। सपा के वरिष्ठ नेता आज़म खान के छोटे बेटे अब्दुल्ला आज़म खान भी चुनाव मैदान में उतरने वाले हैं। पिता ने रामपुर के स्वार टांडा विधानसभा क्षेत्र से उनके चुनाव लड़ाने को ज़मीन तैयार किया है। आज़म खान का कहना है कि वह बेटे को टिकट दिलाने के लिए पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी बात करेंगे।टिकट मिलेगी अथवा नहीं यह तो वक्त आने पर पताचलेगा, पर स्वार टांडा में अब्दुल्ला को लेकर सरगर्मी तेज़ है। क्षेत्र को बैनर पोस्टर से पाट दिया गया है। उनके समर्थक, कार्यकर्ता भी सरगर्म हैं। एमटेक कर चुके बेटे अब्दुल्ला को शनिवार को आज़म खान ने इलाके के एक कार्यक्रम में लांच किया। इस बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह अपनी पार्टी के अनुशासितसिपाही हैं । बेटे को टिकट देने को लेकर वह मुलायम सिंह और अखिलेश से भी बात करेंगे। वैसे, अब्दुल्ला काफी पहले से पिता के चुनाव क्षेत्र में एक्टिव हैं। पार्टी में भी उनकीकाफी पहचान है। यही वजह है कि उनके प्रचार प्रसार में समाजवादी के युवा कार्यकर्ता अधिक लगे हुए हैं।अब्दुल्ला क्षेत्र में जनसभाएं और जनता से मुलाकात भी कर चुके हैं।

सयाजीराव यूनिवर्सिटी में BJP का क़िला ध्वस्त,NSUI ने ABVP को दी करारी शिकस्त

वड़ोदरा: नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया नेमहाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय के छात्र संघ उपाध्यक्ष और महासचिव पद पर हुए चुनावोंमें जीत दर्ज की।कांग्रेस की छात्र इकाई के उम्मीदवारों ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उम्मीदवारों को हराया।दो वर्ष के अंतराल के बाद वाषिर्क चुनाव हुए जिसमें 36,115 विद्यार्थियों में से 22,000 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। एनएसयूआई के हितेश बत्रा को विश्वविद्यालय छात्र संघ का महासचिव चुना गया। उन्होंने अभाविप उम्मीदवार शुभम कौल को हराया जबकि सिमरन मोदी को हराकर एनएसयूआई की प्रियंका पटेल ने उपाध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया।

मोदी लहर को मार गया लकवा,मायावती के समर्थको के आगे पड़ा फीका मोदी का क्रेज़।

उत्तर प्रदेश:साल 2014  जब भारत में लोकसभाचुनावों का दौर था और प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बने मोदी ने खूब सारी रैलियां करने पर जोर पकड़ा हुआ था और उनकी रैलियों मेंखूब भीड़ जमा होती थी। मोदी जानते थे कि लोग कांग्रेस से तंग आए हुए हैं तो उन्होंने इस बात का खूब फायदा उठाते हुए झूठ बोल-बोलकर लोगों को अपनी ओर खींचा। इलाहबाद में हुई मोदी की एक रैली में भीड़ देखकर कहा गया था कि इतनी भीड़ शायद किसी रैली में कभी नही हुई और न होगी। लेकिन अब लोग अब मोदी के झूठ को अच्छी तरह समझ चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि इलाहाबाद में मायावती की महारैली में एक दिन पहले से ही जिस तरह से भीड़ पूरे शहर में बसपा के समर्थन में इकट्ठा हो गई उससे साफ हैकि मायावती ने मोदी की रैली का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। लाखों की तादाद में जमा हुई भीड़ देखकर लग रहा है कि यूपी की जनता मायावती को अपना नेता बनाना चाहती है। ऐसी रिकॉर्डतोड़ भीड़ को देखकर विरोधी पार्टियों के होश उड़ गए है।

कश्मीर के बेकाबू हालात मोदी सरकार की देन: मायावती

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बसपा सुप्रीमो मायावती के निशाने पर रहे। उन्होंने कश्मीर की बिगड़ी स्थिति के लिए सीधे मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उनहोंने इलाहबाद में अपार जनसमूह को सम्बोधित करते कहा कि केंद्र की भाजपा सरकारकी लापरवाहियों से ही वहां के हालात बेकाबू हैं। मायावती का यह बयान ठीक उस समय आया है, जब केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में एक सर्वदलीय टीम कश्मीर के हालात का जायज़ लेने वहां गई हुई है।उन्होंने सर्वजन हिताय,सर्वजन सुखाय रैली को संबोधित करते हुए भाजपा पर ताबड़ तोड़ हमले किए।मायावती ने बीजेपी सरकार की तमाम योजनाओं कोधन्नासेठों को फायदा पहुँचाने वाला बताया। केंद्र की स्मार्ट सिटी योजना को भी इसी श्रेणी में रखा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधतेहुए कहा कि उन्होंने अब तक जमीनी स्तर पर कोईकाम नहीं किया है। लोकसभा चुनाव से पहले विदेश से कालाधन वापस लाकर आम जनता के एकाउंट में 15-20 लाख रुपया जमा करने का भरोसा दिलाया था, जो अबतक कोरा वादा ही है। यूपी को 24 घंटे बिजली देने की बात कही गई थी, उसे भी पूरी नहीं की गई।भाजपा सरकार में मजदूर किसन की दशा ख़राब हुई है। तरह तरह के बहाने से मुस्लिम प्रताड़ित किए जा रहे हैं। दलित उत्पीड़न भी थम नहीं रहा। आजादी के इतने साल बाद भी दलितों का उत्पीड़न नहीं रुका है। हिन्दू मुस्लिम दंगा करा कर मजदूरों को नुकसान पहुँचाया जा रहा है। केंद्र ने आरक्षण को भी निष्प्रभावीबना दिया है। केंद्र सरकार धीरे-धीरे अपना काम प्राइवेट सेक्टर को सौंप रही है, जहाँ आरक्षण का लाभ गरीबों को नहीं दिया जाता। दलितों और पिछड़ों को आरक्षण से वंचित रखने की साजिश चल रही है।Facebook पर हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करेंअपने दो दिवसीय दौरे के क्रम में केंद्र सरकार को घपले घोटाले से पाक बताने पर मायावती ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की भी खिल्ली उड़ाई। इस क्रम में उन्होंने मध्यप्रदेश के व्यापमं घोटाला व विजय माल्या घोटाले का खास तौर से ज़िक्र किया।उन्होंने अपने सम्बोधन में प्रदेश की सपा सरकार और कांग्रेस को भी निशाने पर रखा। कहा कि कांग्रेस की हालत खराब है। उसे यूपी में सीएम कैंडिडेट नहीं मिला तोदिल्ली से बुजुर्ग महिला को सीएम कैंडिडेट बना दिया। कांग्रेस आज अपनी गलत नीतियों से सत्ता से बाहर है।उन्होंने यूपी में माफिया, गुंडों और अपराधियों का राज बताया। कहा कि यूपी में डकैती, रेप, मर्डर और जमीन पर अवैध कब्जे जैसे संगीन अपराध चरम पर हैं। भाजपा ने भीआपराधिक छवि वाले को अपना प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। उनहोंने बसपा छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए स्वामी प्रसाद मोर्य के बारे में कहा कि टिकट लेने की लालच में पार्टी की अदलाबदली की है। ये व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए कुछ भी कर सकते हैं। मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि सर्वे कराने वाले अखबार, चैनल धन्नासेठों के हैं।ये बसपा विरोधी पार्टियों के प्रभाव में हैं। बसपा राज आने पर सभी को नतीजे भुगतने होंगे। दयाशंकर मामले पर कहा कि समय आने पर उचित कार्रवाई कीजाएगी। रविवार को यहाँ परेड ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करने मायावती करीब डेढ़ बजेपहुंचीं। इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। इसमें तीन जिलों के लोग शामिल हुए।

Jio के विज्ञापन को लेकर पीएम मोदी का उडा मज़ाक, लोगों ने वोडाफोन के विज्ञापन वाले कुत्ते से की तुलना!

नई दिल्ली: पीएम मोदी का रिलायंस जियो के विज्ञापन में संभावित ब्रांड ऐम्बेसडर के तौर मार्केट में आने के बाद से ही सोशल मीडिया उनकी कडी आलोचना और मज़ाक उडाया जा रहा है ।सोशल मीडिया पर लोंगो ने मोदी के पूर्व में दिये बयान जिसमें कि उन्होंने गुजरात दंगों में मारे मुसलमानों को लेकर पूँछे गये एक सवाल के जवाब में दिये गये उत्तर जिसमें उन्होंने कहा था कि “कुत्ते का पिल्ला अगर गाडी के नीचे आजाये तो दुख होता है ” को quote करते हुये सोशल मीडिया पर लोगों ने लिखा कि मोदी जी कल तक जिन मुसलमानों की तुलना कुत्ते से किया करते थे वे आज स्वंय रिलायंस जियो के प्रमोशन के लिये वोडाफोन केब्रांड ऐम्बेस्डर कुत्ते की प्रतिस्पर्धा करते नज़र आ रहे हैं । सोशल मीडिया पर लोगों ने पीऐम मोदी की आलोचना करते हुये यहाँ तक लिखा कि समय बहुत बलवान जो व्यक्ति पूर्व में मुसलमानों की तुलना कुत्ते से करता था आज वो स्वंय उसी श्रेणी में खडा है । पी ऐम मोदी के लिये इस्तेमाल होने वाले शब्द Namo पर भी लोगों ने चुटकी लेते हुये लिखा है कि Namo का अर्थ Narendr Modi नहीं बल्कि Neeta Ambani’s Marketing Officer है ।

अलगाववादी नेताओं ने ओवैसी, शरद यादव और येचुरी से मिलने से किया इंकार

श्रीनगर। पिछले दो महीने से कश्मीर में जारीहिंसा के बीच आज सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल कश्मीर पहुंचा. श्रीनगर में आज सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने सीएम महबूबा मुफ्ती से मुलाकात की . वहीं प्रतिनिधिमंडल ने विपक्ष के नेता उमर फारूक से मुलाकात कर राज्य के ताजा हालत के संदर्भ में चर्चा की. उधर बैठक के बाद कश्मीर में चार नेताओं के समूह ने अलगाववादी नेताओं से मुलाकात करने का फैसला किया. जहां यासिन मलिक छोड़कर बाकी नेताओं ने मिलने से इंकार कर दिया. सैयद गिलानी ने शरद यादव, डी राजा, सीताराम येचुरी से मिलने से इंकार कर दिया.सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के चार विपक्षी सांसदों ने आज समूह को छोडते हुए अलगाववादियों से अलग से मिलने का फैसला किया. माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी, भाकपा नेता डी राजा, जदयू नेता शरद यादव और राजद के जयप्रकाश नारायण आयोजन स्थल से निकलगए जहां गृह मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल विभिन्न समूहों एवं लोगों से मिला. ये नेता वहां से हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी से मिलनेउनके घर चले गए जो वहां नजरबंद हैं लेकिन खबरहै कि हुर्रियत नेता गिलानी ने इन नेताओं से मिलने से इंकार कर दिया.सांसदों के हुर्रियत नेता मीरवाइज उमर फारुक, जेकेएलएफ के प्रमुख यासीन मलिक और जम्मू-कश्मीर डेमोक्रेटिक लिबरेशन फ्रंट केनेता शब्बीर शाह से भी मिलने की संभावना है. मीरवाइज इस समय चश्मे शाही उप कारागार में बंद हैं जबकि बाकी दोनों नेता हुमामा में बीएसएफ के शिविर में हिरासत में कैद हैं.सांसदों के हुर्रियत के पूर्व नेता अब्दुल गनी भट्ट से भी मिलने की संभावना है.

Friday, 2 September 2016

नरेंदर मोदी:मै जो भी हूँ मीडिया की वजह से हूँ

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नेटवर्क 18 के ग्रुप एडिटर राहुल जोशी को दिए इंटरव्यू में बेबाक अंदाज़मे हर मुदों पर बोलते हुए नज़र आये, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साफ तौर पर कहा है कि वो दलितों और वंचितों के लिए काम करते हैं, तो कई लोगों को तकलीफ होती है। लेकिन इससे उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यूपी चुनाव विकास के मुद्देपर ही लड़ा जाएगा। काला धन रखने वालों को मोदी ने कहा कि उन्हें समय के अंदर पैसे सौंपने होंगे,Facebook पर हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करेंमोदी ने कभी राजनीति में अपनी मजबूरियों पर बात की, तो कभी सरकार के कामों की सराहना की। कभी पीएम मोदी ने अर्थव्यवस्था पर कहा कि देश की अर्थव्यवस्था ने सबसे बुरे दिन देखे, तो कभी काला धन रखने वालों को चेतावनी दी। उत्तर प्रदेश के चुनाव पर पीएम मोदी ने कहा कि यूपी इलेक्शन विकास के मुद्दे पर लड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया के ऊपर सवालों के जवाब मे कहा की मै जो कुछ भी हूँ मीडिया की वजह से हूँ , हाँ मीडिया मे कुछ लोग मुझसे नाराज भी रहते हैं उसकी वजह ये है की मै मसाला नहीं देता.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह अपनी सरकार के सत्ता में आने के बाद देश के आर्थिक हालात पर एक श्वेतपत्र लाना चाहते थे, लेकिन राष्ट्र के हित में इससे परहेज करना पड़ा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने वास्तविक स्थिति का खुलासा करके अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की बजाय राजनीतिक नुकसान उठाने को चुना। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की सरकार बजट में आंकड़े बदल देती थी।

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