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Saturday, 10 September 2016

सारी दुनिया की नज़र में इस्लाम को बदनाम किया जा रहा,वही पश्चिमी हज में इस्लाम की तरफ बढ़ता सबका रुझान।

रियाद: इस्लामी उग्रवाद, आतंकवाद और शिया, सुन्नी मसलकी मतभेद के परिणामस्वरूप इस्लामी दुनिया में जारी रक्त्पात के परिणामस्वरूप जहां पूरी दुनिया में इस्लाम और मुसलमानों के बारे में नकारात्मक सोच को बढ़ावा देने में वृद्धि हुई है वहीं हज इस अध्याय में हवा का एक ताजा झोंका है जो पश्चिम को भी इस्लामी सहिष्णुता को स्वीकार करने पर मजबूर किया है।Facebook पे हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करियेअल अरबिया डॉट नेट के अनुसार अहले मगरिब जो मुसलमानों को केवल युद्ध और चरमपंथ के प्रतीक के रूप पर पेश करते हुए इस्लामोफोबिया से पीड़ित हैं हज जैसे वैश्विक सभा के लाभ को स्वीकार करने लगे हैं।पश्चिमी दुनिया के दो प्रमुख शोधकर्ता माइकल इलैकज्यो और स्टीफन जीमिकोफ संयुक्त रूप से एक रिपोर्ट तैयार की है जो हज के मानव समाज पर लागू होने वाले प्रभाव का बारीकी से विश्लेषण किया गया है। ” मक्का मुकर्रमा, धर्म और नए आधार पर समाजी संरेखण ” शीर्षक सेतैयार की गई रिपोर्ट में इस सवाल पर बहस की गई है कि क्या इस्लामी रिवाज विशेषकर हज जैसा विश्व सभा मानव सहिष्णुता में कोई भूमिका अदा कर सकता है? विशेषज्ञों ने खुद ही इस सवाल का जवाब सकारात्मक दिया है और स्वीकार किया है कि हर साल जमीन के विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित, अलग अलग भाषे बोलने वाले, काले और सफेद, विभिन्न साम्प्रदायिक विचारधारा युक्त दो मिलियन लोगों का एक जगह एक ही पोशाक, एक ही मक़सद और एक ही तरीके में रस्म व रिवाज को अदा करना पूरी दुनिया में मानव सहिष्णुता का सबसे बड़ा और अनूठा उदाहरण है। नि:संदेह हज की भीड़ सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक और मानवीय और इस्लामी सहिष्णुता के इस्लामी दर्शन पर मुहर सत्यापित लगी है क्योंकि दुनिया का कोई दूसरा धर्म ऐसी वैश्विक सहिष्णुता की कोई मिसाल पेश करने में असमर्थ है। हज की सभा इस बात का संदेश है कि आदम के बच्चों में धर्म, रंग, जाति और संप्रदाय के आधार पर कोई अंतर नहीं है और सभी मनुष्य बराबर हैं। तथा कहा किहज की सभा इस्लाम और दुनिया के दुसरे क्षेत्रों में पाई जाने वाले साम्प्रदायिक संघर्ष को हतोत्साहित करते हुए पूरी मानवता को एक सूत्र में पिरोने की दावत प्रदान करता है।

Tuesday, 6 September 2016

1953 में हज की 15 ऐसी तस्वीरें जो आपका दिल जीत लेंगीं

Yaha dekhiye kuch aisi tasveer jo apne kabhi nahi dekhi hongi










उस्मान साम्राज्य ने बनवाया था इस्तांबुल को मदीना शहर से जोड़ने वाला रेलव

तुर्की के मशहूर ओटोमन साम्राज्य(उस्मान साम्राज्य) के सुलतान अब्दुल हमीद-2 ने दुनिया भर के मुसलमानों के लिए अच्छी परियोजनाएं शुरू करने की कोशिश की थी उसी में से एक थी इस्तांबुल से लेकर मदीना शहर तककी रेल लाइन. उन्होंने बगदाद-बर्लिन रेलवे की भी पूरी तैयारी की थी लेकिन कुछ युद्ध और परिस्थितियों ने ये सब बहुत मुमकिन नहीं होने दियी. दमिश्क से मक्का जाने के रेल लिंककी योजना उस दौर में बनायी गयी थी जब हज करने जाने वाले लोगों के लिए बहुत सुविधाएं ना थीं और हवाई जहाज़ जैसी व्यवस्था नहीं आई थी. हज में महीनों का सफ़र लगता था लेकिन इस्तांबुल से मक्का जाने के लिए जो रेल लाइन बनायी गयी थी वो महज़ पांच दिनों का वक़्त लेतीथी. इस योजना के तहत पूरे मुसलमानों को एक सूत्र में जोड़ने की कोशिश की गयी थी लेकिन ओटोमन साम्राज्य के पतन के बाद ये सब एक ख्व़ाब बन के रह गया वहीँ ओटोमन साम्राज्य के विघटन के बाद मुस्लिम देश आपस में झगडा करने में ज़्यादा वक़्त बिताने लगे बजाय कुछ अच्छा काम करने के.

Sunday, 4 September 2016

“मैं मन की बात बहुत मन लगा के सुनता हु,राहत इन्दोरी ने मोदी पर कसे तंज।

ज़मीर बोलता है ऐतबार बोलता है
मेरी ज़ुबान से परवरदिगार बोलता है
मैं मन की बात बहुत मन लगा के सुनता हूँ
ये तू नहीं है तेरा इश्तेहार बोलता है
कुछ और काम उसे याद ही नही शायद
मगर वो झूठ बहुत शानदार बोलता है
तेरी ज़ुबान कतरना बहुत ज़रूरी है
तुझे ये मर्ज़ है तू बार बार बोलता है

राहत इन्दौरी की ग़ज़ल तंज कश्ती हुई मोदी पर।

बांग्लादेश: जमात ए इस्लामी के नेता को दी गयी फाँसी

ढाका: बंगलादेशी सरकार ने देश की सबसे बड़ी इस्लामिक पार्टी जमात ए इस्लामी को फाइनेंस करने वाले एक अमीर व्यापारी को फांसी पे चढ़ा दिया है. देश के क़ानून मंत्री मीर क़ासिम अली ने कहा कि 10:35 PM पर उन्हें सज़ा-ए-मौत दी गयी. जमात ए इस्लामी पार्टी के ऊपर देश की सरकार ने “राज द्रोह” का मुक़दमा चलाया था और इसके बाद कई बड़े नेताओं को फांसी दी गयी है. दुनिया भर के मानव अधिकार समर्थकों ने बंगलादेशी सरकार की सख्त आलोचना की ह

G-20 से पहले सऊदी के प्रिंस मोहम्मद और एरदोगन की मुलाक़ात से सियासी हलचल तेज़

हन्ग्ज़्हौ, चीन: जी-20 शिखर वार्ता से पहले सऊदी के डिप्टी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने तुर्की के राष्ट्रपति रजब तय्यिप एरदोगन से मुलाक़ात की.इस मुलाकात को सियासी पंडितों की नज़र से बहुत ही अहम् माना जा रहा है ,Facebook पर हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करेंचीन में होने वाली इस शिखर वार्ता से पहले हुई दोनों नेताओं की मुलाक़ात की एहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्यूंकि दोनों मुल्क सीरिया में चल रहे ग्रह युद्ध में सक्रीय भूमिका निभा रहे हैं. कल से शुरू होने वाली शिखर वार्ता में 19 देश भाग लेंगे जिसमें भारत, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त राज्य अमरीका, तुर्की, कनाडा, जर्मनी, इटली, इंडोनेशिया, जापान, साउथ कोरिया, मेक्सिको, रूस, फ़्रांस, ब्राज़ील और इंग्लैंड जैसे देश शामिल हैं. इस शिखर वार्ता में सीरिया युद्ध बातचीत का एक बड़ा मुद्दा हो सकता है.

शोक में उज्बेकिस्तान, राष्ट्रपति “इस्लाम करिमो” सुपुर्द-ए-खाक

समरकंद। उजबेकिस्तान के राष्ट्रपति इस्लाम करिमोव शनिवार को अपने गृहनगर समरकंद में सिपुर्दे खाक कर दिए गए। समरकंद हवाई अड्डे से कब्रिस्तान तक सड़क के दोनों ओर गम में डूबे लोग अपने नेता के आखिरी दर्शन के लिए खड़े थे। उनके निधन पर तीन दिन के शोक की घोषणा की गई है। 78 साल के करिमोव का शुक्रवार को निधन हो गया था। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा, संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून सहित दुनिया भर के नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया है।उनके जनाजे में रूसी प्रधानमंत्री दमित्री मेदवेदेव, तजाकिस्तान के राष्ट्रपति ई रखमोन, तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति जी बर्दीमुखमेदोव, किर्गिस्तान, बेलारूस और कजाखिस्तान के प्रधानमंत्री भी शामिल हुए।उल्लेखनीय है कि करिमोव 1989 से उजबेकिस्तान के राष्ट्रपति थे। वह इस पद को सोवियत संघ से अलग होने के पहले से संभाल रहेथे। तीन करोड़ 20 लाख की आबादी वाले इस देश के करीब आधे लोग उनके सत्ता में आने के पाद पैदा हुए हैं।

Friday, 2 September 2016

पाकिस्तान की इन परियो ने रच डाला इतिहास जानिए यहाँ।

कराची -पाकिस्तान की दो बहनों ने इतिहास बना दिया है ये दोनों पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन्स की पायलट है और इन्होने एक साथ बोईंग -777 आसमान में उड़ाया है .इन दोनों बहनों का नाम मरयम मसूद और एरं मसूद हैएयरलाइन्स के स्पोकपरसन ने इस बाबत मीडिया को बताया “दुनिया में ऐसा कोई रिकॉर्ड नही है जब दो बहनों एक साथ इस तरह का विमान उड़ाया हो ”Facebook पे हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करियेइन दोनों बहनों ने इस विमान को लाहौर से कराची पहुचाया उसके बाद मानचेस्टर ,न्यू यार्क और लन्दन तक उड़ान भरी .पाकिस्तान में महिला द्वारा विमान उड़ाना पहली बार नही हुआ है इससे पहले मरियम मुख़्तार जोकि पाकिस्तान एयर फाॅर्स की पायलट थी उन्होंने फाइटर को उड़ाया था लेकिन बाद में एयरक्राफ्ट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था .हालाकि बोईंग जैसा विमान पाकिस्तान ही नही एशिया में किसी महिला ने नही उड़ाया है और दो बहनों के बोईंग को उड़ाने की ये पहली घटना ह

मिस्र के लोग आधुनिक इस्लाम की आवाज ह

नई दिल्ली। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को साझा वकतव्य जारी किया। मोदी नेकहा कि राष्ट्रपति अल सीसी और मैं भारत और मिस्र के बीच संबंधों को मजबूत करने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने कहा कि ‘हम मिस्र के साथ कृषि, स्किल डेवलपमेंट और हेल्थ सेक्टर में सहयोग को और गहरा करेंगे। मिस्र एशिया-अफ्रीका के बीच प्राकृतिक ब्रिज है। भारत औरमिस्र के बीच सामग्री और सेवा को बढ़ाने पर बनी सहमति हुई है। हम इस बात पर सहमत हुए हैं कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की जरूरत है, ताकि आज की सच्चाई से रूबरू हो सकें।’पीएम मोदी ने कहा कि आपके (मिस्र) लोग आधुनिकइस्लाम की आवाज है और आपका देश क्षेत्रीय शांति और स्थिरता का कारक है। बढ़ती कट्टरताऔर आतंकवाद केवल हम दोनों देशों के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा हैं।

सऊदी अरब आतंकियों का ठिकाना,उनके अंदर है वहाबियों वाली विचार धारा:ईरान

ईरान : ईरान ने कहा है कि दुनिया यह जान गयी है कि सऊदी अरब और वहाबी विचारधारा ही मध्यपूर्व और दूसरे क्षेत्र में चरमपंथी हिंसा का स्रोत है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासेमी ने गुरुवार को कहा कि सऊदी अरब की आतंकवाद में अपनी संलिप्तता को छिपाने की कोशिश नाकाम हो गयी है। उन्होंने कहा, “दुनिया की सबसे भयंकर आतंकवादी कार्यवाही और यमन में पेट्रो डॉलर के ज़रिए बाल जनसंहार में संलिप्तता जैसी सच्चाई को छिपाने की सऊदी अरब की निरंतर कोशिश के बावजूद, आज दुनिया अच्छी तरह जान गयी है कि इस आतंक का स्रोत सऊदी अरब और उसकी जाली विचार धारा वहाबियत है।”बहराम क़ासेमी का “दुनिया की सबसे भयंकर आतंकवादी कार्यवाही” से अभिप्राय 11 सितंबर 2001 की अमरीका में घटी घटना है जिसे 19 लोगों ने अंजाम दिया था कि जिनमें से 15 सऊदी अरब के नागरिक थे और इन लोगों के बारे में कहा जाता है कि वे सऊदी शासन के संपर्क में थे। 11 सितंबर की घटना में 3000लोग मारे गए थे। ज्ञात रहे सऊदी अरब वहाबी विचारधारा का खुल्लम खुल्ला प्रचार किया जाता है।

मोरक्को -दो इस्लामिक हस्तिया बीच पे खुलेआम सेक्स करते पकड़े गय

मोरक्को -60 साल की अधिक उम्र के इस्लामिक हस्तियों जोकि बीच पे सेक्स के आरोपी है इन के ऊपर चल रहे मुकदमे को स्थगित कर दिया गया है .मोहम्मदिया कसबे के बीच पर बिना शादी शुदा हुयें सेक्स करने के आरोप ओमर बेनहम्माद जोकि 63 साला के है और फर्तिमा नज्जार जोकि 63 साल की है को बीस अगस्त को गिरफ्तार किया गया थाकोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों गैर मौजूद रहे थे दोनों ने इसके पीछे सेहत को वज़ह बतायाहै इसके लियें मेडिकल सर्टिफिकेट भी जमा किया हैअगली सुनवाई 22 सितम्बर को होगी .नज्जार जोकि विधवा है और 6 बच्चो की माँ है पे अगर जुर्म साबित होगा तो उनको सज़ा के तौर पे एक महीने से लेकर एक साल तक जेल में रहना पड़ सकता है वही बेनहम्माद जोकि शादी शुदा है और 7 बच्चो के पिता है भी नज्जार के साथ जिस्मानी सम्बन्ध बनाने का आरोपी बनाया गया हैवही बेनहम्माद ने अपने बचाव में कहा है कि उन्होंने नज्जार के साथ शादी की है लेकिन शादी का कोई कागज़ी दस्तावेज़ नही हैआप को बता दे दोनों मोरक्को रिफार्म एंड यूनिटी मूवमेंट के वाईस प्रेसिडेंट है ये सश्था जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी की रिलीजियस विंग हैइन दोनों को पार्टी ने इस घटना के बाद निकाल दिया हैसेक्स स्कैंडल ऐसे समय में सामने आया है जब मोरक्को में चुनाव होने वाले ह

बियर बोतल सामने देख मुस्लिम खिलाडी ने प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया से नही की बात

कुछ ऐसे शक्श भी है इस दुनिया में जिनको पैसा आने के बाद भी अल्लाह का डर और भरम होता है,वही देखने को मिला है यहाँ,वेलेंशिया -जर्मनी में जन्मे आर्सेनल फुटबॉलर श्कोद्रन मुस्ताफी ने मीडिया से बात करने से इसलियें इनकार कर दिया क्युकी जहाँ प्रेस कांफ्रेंस हो रही थी वहां बियर बोतल रखी हुयी थीआपको बता दे मुस्ताफी आर्सेनल क्लब के स्टारखिलाड़ी है और साथ ही इस्लाम पे अकीदत रखने वाले मज़हब के हर अरकान पे चलने वाले इंसान भीहै उनके माता पिता अल्बानिया से है .प्रेस कांफ्रेंस में शराब की बोतल से वो इस कधर नाराज़ थे कि उन्होंने वेलेंशिया चीफ को भी गुस्से में बात की और कहा ये सब मेरे नजरो से हटाओ

बियर बोतल सामने देख मुस्लिम खिलाडी ने प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया से नही की बात

वेलेंशिया -जर्मनी में जन्मे आर्सेनल फुटबॉलर श्कोद्रन मुस्ताफी ने मीडिया से बात करने से इसलियें इनकार कर दिया क्युकी जहाँ प्रेस कांफ्रेंस हो रही थी वहां बियर बोतल रखी हुयी थीआपको बता दे मुस्ताफी आर्सेनल क्लब के स्टारखिलाड़ी है और साथ ही इस्लाम पे अकीदत रखने वाले मज़हब के हर अरकान पे चलने वाले इंसान भीहै उनके माता पिता अल्बानिया से है .प्रेस कांफ्रेंस में शराब की बोतल से वो इस कधर नाराज़ थे कि उन्होंने वेलेंशिया चीफ को भी गुस्से में बात की और कहा ये सब मेरे नजरो से हटाओ

हज के दौरान मुस्लिमो की सेवा करना ही हमारा धर्म:प्रिंस फैसल

रियाद: मदीना शहर के गवर्नर प्रिंस फ़ैसल बिन सलमान जो कि दो पवित्र मस्जिदों के कस्टोडियन भी हैं, ने कहा कि हज के दौरान हाजियों की सेवा करना ही उनकी प्राथमिकता है. सिक्यूरिटी अफ़सरान से अपनी मीटिंग के दौरान उन्होंने कहा कि हाजियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान दिया जाएगा. उन्होंने हाजियों की सेवा पे ख़ास ध्यान देने की बात कही.इस्लाम मज़हब में जो पांच चीज़ें फ़र्ज़ हैं उनमें से हज भी है. हर मुसलमान को जो इस लायक़ हो कि वो हज कर सके, उसे एक बार हज ज़रूर करना चाहिए.

12 सितम्बर को मनाई जायेगी बकरा ईद।

सऊदी अरब :पहली सितम्बर को देश में चाँद ना नज़र आने के वज़ह से सऊदी अरब की रिलीजियस अथॉरिटी ने ईद अल अदहा को 12 सितम्बर को मनाने का एलान किया हैईद अल अदहा मुसलमान हर वर्ष मनाते है सऊदी अरब में इस दिन अधिकारिक रूप से छुट्टी दी जाती हैंयूनाइटेड स्टेट्स की फिकह कौंसिल ने भी एलानकिया है कि वो सऊदी अरब के रिलीजियस अथॉरिटी के मुताबिक ही 12 सितम्बर को ईद मनाएंगे .

Thursday, 1 September 2016

बलूचिस्तान से सेना हटाये पाकिस्तान,वरना 1971 जैसे बटवारे को रहे तैयार।

बलूच रिपब्लिकन पार्टी के अध्यक्ष ब्रह्मदाग खान बुगती ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है। उन्होंने पाकिस्तान से किसी भी बातचीत से पहले कहा कि सेना को पहले बलूच छोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो उन्हें 1971 जैसे परिणाम भुगतने पड़ेंगे।बलूच नेता ने कहा कि मैंने पाकिस्तानी अधिकारियों की तरफ से ऐसा बयान देते देखा है जिसमें कहा गया है कि वे बातचीत करना चाहते हैं। बुगती ने कहा कि हमने कभी नहीं कहा कि हम बात नहीं करना चाहते। ये पाकिस्तानी सेनाहै जो किसी भी मु्द्दे को ताकत के जरिए दबानाचाहती है। पाकिस्तानी सेना लोगों को बंधक बना कर रखना चाहती है। हम बातचीत के लिए तैयार हैं। लेकिन इसके लिए पाकिस्तानी सेना को पहले बलूचिस्तान से वैसे ही हटना होगा जैसे कि उसने 1971 में बांग्लादेश से किया था।इससे पहले बलूच नेता बुगती ने एक वीडियो संदेश भेजकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बलूचिस्तान की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाने के लिए दिल से धन्यवाद दिया था। बुगती ने अपने संदेश में स्पष्ट कहा था कि ‘हम न पाकिस्तान का हिस्सा थे, न हैं और न ही रहेंगे।’बुगती ने पाकिस्तान मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि वो बहुत मुश्किल से ही बलूचिस्तान की कोई खबर दिखाते हैं। जबकि पाकिस्तान की छोटी से छोटी खबर को बढ़ा-चढ़ा कर दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी मीडिया हाउस ने बलूचिस्तान के बारे में कुछ भी नहीं दिखाया। जबकि वहां हर दिन महिला-पुरुष की हत्या हो रही है। महिलाओं को घर से निकाला जाता है लेकिन पाकिस्तानी मीडिया की ओर से ये खबर नहीं दिखाई जाती है।

कल तक अल्लाह के विरोध में नारे लगाने वाला,आज इस्लामे मोहब्बत में डूबा।

कहते हैं उस अल्लाह की एक नज़र ही काफी होती है ज़िन्दगी बदलने के लिए। उस अल्लाह के करम को समझने और जानने के लिए जाने कितनो ने कोशिश की लेकिन उस अल्लाह परवदिगार का भेद कोई नहीं पा सका है।कुछ ऐसा ही हुआ जर्मन के रहने वाले वेर्नेर कलावुन के साथ जोकि पिछले इस्लाम के दर पर पहुँचने से पहले कट्टड़ नाज़ी थे और इस्लाम का जमकर विरोध करते थे। लेकिन अल्लाह का नूर वेर्नेर पर कुछ यूँ बरसा कि जो हाथ इस्लाम के, अल्लाह के खिलाफ नारेबाजी में उठते थे वही हाथ आज अल्लाह की इबादत में उठने लगे।और यह मुमकिन हो पाया सिर्फ कुरान शरीफ की वजह से। जिसके बारे में वेर्नेर बताते हैं कि जब उन्होंने जर्मनी के महान कवि जोहांन वोल्फगांग की लिखी हुई ईस्टर्न दिवान और कवितायें पढ़ीं जिसमें जोहांन ने पैगम्बर मुहम्मद की तारीफ में बहुत कुछ लिखा हुआ था जिसके बाद उसने इस्लाम के बारे में पढ़ना शुरू किया। कुरान पढ़ी और उसे समझ आया कि दुनिया और ज़िन्दगी के जो रहस्य जो पहेलियाँ कुरान में सुलझा कर बताई गयी हैं वैसा किसी और धर्मग्रन्थ में नहीं बताया गया।इसी से प्रभावित होकर वेर्नेर ने इस्लाम को जानने के लिए कोशिश जारी रखी और इस्लाम की रहअपना ली। इस्लाम अपनाने के बाद वेर्नेर ने अपना नाम बदल कर इब्राहिम रख लिया और सीरिया,इराक और अफगानिस्तान से आये शरणार्थियों की सेवा में काम करना शुरू कर दिया।

ऑस्ट्रेलिया ने दिया मुस्लिम महिलाओ को तोहफा,हिजाब को दिया बैंक ने आधिकारिक पोशाक का दर्जा।

देश विदेश में हो रहे हिजाब के खिलाफ बार बार बयान बाज़ी और उसपर अनेक टिप्पणियाँ,यही वजह रही के जिहाब इक फैशन के तोर पर आज कल सबके ज़हनों पर छा गया है,लोगो का हिजाब की तरफ बढ़ता हुआ क्रेज़ देखकर यही अनुमान लगाया जा रहा है,जिसको गलत बताकर सब इसकी निंदा कर रहे थे आज वही इक फैशन के रूप में सबकी ज़िन्दगी में धीरे धीरे घर बनाता जा रहा है,हाल ही में आई हिजाब पर ऑस्ट्रेलिया से इक खबर के अनुसार,
कैनबरा। दुनियाभर में मुसलिम महिलाओं के पहनावे को लेकर कई तरह की पहल की जा रही हैं। अब ऑस्ट्रेलिया के ‘वेस्टपैक’ बैंक ने अपने कर्मचारियों की नई आधिकारिक पोशाक के तौर परनिगमित हिजाब को भी शामिल करने का फैसला किया है। ‘न्यूजकॉर्प’ की खबर के मुताबिक ये पोशाक मशहूर आस्ट्रेलिआई डिजाइनर कार्ला जम्पाटी डिजाइन करेंगी। इसे अप्रैल 2017 तक लान्च किए जाने की उम्मीद है।कॉमनवेल्थ बैंक और ऑप्टस जैसी कुछ संस्थान कर्मचारियों की आधिकारिक पोशाक के साथ हिजाब को शामिल कर चुकीं हैं। इसको ध्यान में रखकर ही ऑस्ट्रेलियाई बैंक ने ये कदम उठाया है। बैंक की प्रवक्ता ने कहा कि हल्के नीले रंग के इस हिजाब को वेस्टपैक के ‘डबल्यू’ लोगो के साथ डिजाइन किया गया है। ये लोगो, कार्यस्थल पर विविधता और अखंडता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इसके जरिए हम लोगों को अपना समर्थन दिखा सकते हैं और कार्यस्थल पर अच्छा अनुभव करा सकते हैं।Facebook पर हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करेंसिडनी स्थित वेस्टपैक बैंक की शाखा में काम करने वाली कोनी वेहबे ने कहा कि मुझे कार्यस्थल पर हिजाब पहनना अच्छा लगता है, इससे दूसरों को मेरी संस्कृति और मेरे बारे में जानने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि हिजाब दिखाता है कि वेस्टपैक सारी संस्कृतियों को पहचानता और स्वीकार करता है।

Wednesday, 31 August 2016

अमरीका में दिख रही है इसाई आतंकवाद की झलक,नफ़रत फैलाने के लिए जमा हुए 204 मिलियन डॉलर

सोचिये अगर आप अमरीका जैसे देश में हैं जहां पर दुनिया भर की किताबें और अच्छी से अच्छी यूनिवर्सिटी हैं वहाँ पर अगर कोई पढ़ाई लिखाईछोड़ कर नफ़रत के कारोबार पर पैसा लगाए तो इसे क्या कहा जाएगा. दुनिया के हर देश में ऐसे लोगों की कमी नहीं होती लेकिन संयुक्त राज्यअमरीका में स्थित 74 समूह आज कल सिर्फ़ नफ़रत फैलाने के कारोबार में हैं. इनका सिर्फ़ ये मक़सद है कि ये किस तरह मुसलमानों को बुरा साबित करें. यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया के बर्कले सेंटर फ़ॉर रेस एंड जेंडर ने अपनी रेसेराच में पाया कि 74 ऐसे ग्रुप हैं जो अमरीका में इस तरह से काम कर रहे हैं. रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक़ इसमें जमा होने वाला धन 206 मिलियन डॉलर है. इस रिपोर्ट को तैयारकरने वाले कोरी सेलर ने कहा कि ये ग्रुप एक बड़ी वजह हैं जिसकी वजह से अमरीका में मस्जिदों पर हमले हो रहे हैं. उनका कहना था कि ये ग्रुप इस क़दर लोगों का दिमाग़ नफ़रत से भर देते हैं कि वो मुसलमानों से नफ़रत करने लगते हैं.

धर्म विरोधी चीन मे तेज़ी से फ़ैल रहा इस्लाम, इस साल हज करने गए 14500 मुसलमान

बीजिंग: चीन में जहां एक तरफ़ नास्तिक साम्यवादी पार्टी धर्म के ख़िलाफ़ माहौल बनाने की कोशिश कर रही है वहीँ इस्लाम के मानने वाले हज यात्रा पे बड़ी तादाद में जा रहे हैं. इस्लामोफ़ोबिया करने की कोशिशें नाकाम सी महसूस हो रही हैं और लोग इस्लाम के क़रीब आ रहे हैं. अमन के मज़हब इस्लाम के मानने वाले 14500 चीनी हज यात्रा पर गए, इस पर चीनकी साम्यवादी पार्टी ने कहा कि वो हज को बहुतअच्छा मानते हैं और हर साल मुसलमान भाई सऊदी अरब से एक अच्छा पैग़ाम लेकर आते हैं.

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