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Friday, 2 September 2016

नरेंदर मोदी:मै जो भी हूँ मीडिया की वजह से हूँ

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नेटवर्क 18 के ग्रुप एडिटर राहुल जोशी को दिए इंटरव्यू में बेबाक अंदाज़मे हर मुदों पर बोलते हुए नज़र आये, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साफ तौर पर कहा है कि वो दलितों और वंचितों के लिए काम करते हैं, तो कई लोगों को तकलीफ होती है। लेकिन इससे उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यूपी चुनाव विकास के मुद्देपर ही लड़ा जाएगा। काला धन रखने वालों को मोदी ने कहा कि उन्हें समय के अंदर पैसे सौंपने होंगे,Facebook पर हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करेंमोदी ने कभी राजनीति में अपनी मजबूरियों पर बात की, तो कभी सरकार के कामों की सराहना की। कभी पीएम मोदी ने अर्थव्यवस्था पर कहा कि देश की अर्थव्यवस्था ने सबसे बुरे दिन देखे, तो कभी काला धन रखने वालों को चेतावनी दी। उत्तर प्रदेश के चुनाव पर पीएम मोदी ने कहा कि यूपी इलेक्शन विकास के मुद्दे पर लड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया के ऊपर सवालों के जवाब मे कहा की मै जो कुछ भी हूँ मीडिया की वजह से हूँ , हाँ मीडिया मे कुछ लोग मुझसे नाराज भी रहते हैं उसकी वजह ये है की मै मसाला नहीं देता.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह अपनी सरकार के सत्ता में आने के बाद देश के आर्थिक हालात पर एक श्वेतपत्र लाना चाहते थे, लेकिन राष्ट्र के हित में इससे परहेज करना पड़ा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने वास्तविक स्थिति का खुलासा करके अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की बजाय राजनीतिक नुकसान उठाने को चुना। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की सरकार बजट में आंकड़े बदल देती थी।

पाकिस्तान की इन परियो ने रच डाला इतिहास जानिए यहाँ।

कराची -पाकिस्तान की दो बहनों ने इतिहास बना दिया है ये दोनों पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन्स की पायलट है और इन्होने एक साथ बोईंग -777 आसमान में उड़ाया है .इन दोनों बहनों का नाम मरयम मसूद और एरं मसूद हैएयरलाइन्स के स्पोकपरसन ने इस बाबत मीडिया को बताया “दुनिया में ऐसा कोई रिकॉर्ड नही है जब दो बहनों एक साथ इस तरह का विमान उड़ाया हो ”Facebook पे हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करियेइन दोनों बहनों ने इस विमान को लाहौर से कराची पहुचाया उसके बाद मानचेस्टर ,न्यू यार्क और लन्दन तक उड़ान भरी .पाकिस्तान में महिला द्वारा विमान उड़ाना पहली बार नही हुआ है इससे पहले मरियम मुख़्तार जोकि पाकिस्तान एयर फाॅर्स की पायलट थी उन्होंने फाइटर को उड़ाया था लेकिन बाद में एयरक्राफ्ट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था .हालाकि बोईंग जैसा विमान पाकिस्तान ही नही एशिया में किसी महिला ने नही उड़ाया है और दो बहनों के बोईंग को उड़ाने की ये पहली घटना ह

कश्मीर का दर्द बाटने और सरकार को उसकी नाकामी गिनवाने कई कद्दावर नेता होंगे कश्मीर रवाना:ओवैशी

श्रीनगर: कश्मीर में पिछले 54 दिन से चल रही स्थति को समझने के लिए और लोगों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए सरकार एक आल पार्टी डेलीगेशन कश्मीर में भेज रही है. ये डेलीगेशन 4 और 5 सितम्बर को कश्मीर का दौरा करेगा. इस डेलीगेशन में वित्त मंत्री अरुण जेटली, राज्यसभा में विपक्ष के नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद, लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और आल इंडिया मजलिस ए इत्तिहादुल मुस्लिमीन के असद उद्दीन ओवैसी शामिल हैं. सीपीआई-(एम्) के नेता सीताराम येचुरी और सीपीआई के डी राजा भी शामिल हैं. इसके अलावा AIUDF पार्टी के अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल भी इस डेलीगेशन का हिस्सा होंगे. मुस्लिम लीग के इ अहमद भी इस डेलीगेशनमें जायेंगे.कश्मीर में पिछले 54 दिनों में 69 मौतें हुई हैं. राज्य के लोगों में सरकार के प्रति सख्त नाराज़गी है, इस नाराज़गी को कम करने के मक़सद से आल पार्टी डेलीगेशन वहाँ जाएगा. इसके अतिरिक्त वो उनसे बातचीत भी करेगा. सुरक्षा बालों द्वारा पैलेट बंदूकों का प्रयोग एक ख़ास नाराज़गी का विषय रहा है.

RSS के 90 साल के इतिहास मे सबसे बड़ा विद्रोह, अब तक 600 सदस्यों का इस्तीफा

नई दिल्ली : RSS के 90 साल के इतिहास में पहली बार आरएसएस में बड़ा विद्रोह हुआ है. संगठन की गोवा इकाई के प्रमुख को हटाने के विरोध में 600 सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है. गोवा में बीजेपी की परेशानी बढ़ सकती है, क्योंकि नए गोवा आरएसएस के प्रमुख ने अगले साल चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है.Facebook पर हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करेंआरएसएस यानी राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ. अभी तक संघ को अनुशासित संगठन के तौर पर माना जाता रहा है. लेकिन, गोवा में जिस तरीके से संगठन के भीतर गृह युद्ध छिड़ा हुआ है उसने आरएसएस की इस पहचान को सवालों के घेरे में लादिया है. संगठन के लिए यह चिंता का विषय बन गया है.राज्य इकाई के एक नेता ने कहा, “सभी जिला इकाइयों, जिला उप-इकाइयों तथा शाखाओं के सभी पदाधिकारियों तथा सैकड़ों अन्य ने इस्तीफा देने का फैसला किया है, जब तक सुभाष वेलिंगकरको पुनः पदस्थापित नहीं किया जाता…”दरअसल, सुभाष वेलिंगकर भारतीय भाषा सुरक्षा मंच नामक संगठन के भी प्रमुख हैं, तथा वह राज्य की बीजेपी सरकार की इस बात को लेकर आलोचना करते रहे थे कि सरकार कोंकणी और मराठी जैसी क्षेत्रीय भाषाओं के स्थान पर अंग्रेज़ी को तरजीह दे रही है.सुभाष के समर्थन में 600 आरएसएस कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दे दिया है.

दहेज़ के खिलाफ खड़ी हुई एक ही परिवार की हिंदू और मुस्लिम बहुए

बिहार के समस्तीपुर में दो नवविवाहिताओं ने पुलिस के समक्ष आमरण अनशन शुरू कर दिया है। जिनका आरोप है कि उनके ससुराल वाले ने उन्हें दहेज न देने के कारण प्रताड़ित कर रहे थे और अब उन्हें घर से निकाल दिया। दोनों पीड़ित बहुयों जिनमें से एक हिंदू जिसका नाम सुरामला जोकि उजियारपुर की रहने वाली हैं औरदूसरी नाजमीन परवीन जोकि ताजपुर की रहने वाली हैं का कहना है इन दोनों की शादियां उनके बेटों के साथ पूरे रीति-रिवाजों से हुई थी लेकिन शादी के कुछ दिनों बाद ससुराल वालों ने इन्हें शादियों में दहेज़ न देने के कारण प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और आखिर में घर से बाहर निकल दिया। दोनों पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने अलग-अलग थानों में रिपोर्ट दर्ज कराई है लेकिन जब थाने में एफआईआर दर्ज कराने के बाद भी इन्साफ नहीं मिला। उ वे दोनों पुलिस अधीक्षक के कार्यालयके सामने आमरण अनशन पर बैठ गई कि जब तक हमें इंसाफ नहीं मिलेगा, तब तक हमलोग अनशन पर ही रहेंगे।

मिस्र के लोग आधुनिक इस्लाम की आवाज ह

नई दिल्ली। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को साझा वकतव्य जारी किया। मोदी नेकहा कि राष्ट्रपति अल सीसी और मैं भारत और मिस्र के बीच संबंधों को मजबूत करने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने कहा कि ‘हम मिस्र के साथ कृषि, स्किल डेवलपमेंट और हेल्थ सेक्टर में सहयोग को और गहरा करेंगे। मिस्र एशिया-अफ्रीका के बीच प्राकृतिक ब्रिज है। भारत औरमिस्र के बीच सामग्री और सेवा को बढ़ाने पर बनी सहमति हुई है। हम इस बात पर सहमत हुए हैं कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की जरूरत है, ताकि आज की सच्चाई से रूबरू हो सकें।’पीएम मोदी ने कहा कि आपके (मिस्र) लोग आधुनिकइस्लाम की आवाज है और आपका देश क्षेत्रीय शांति और स्थिरता का कारक है। बढ़ती कट्टरताऔर आतंकवाद केवल हम दोनों देशों के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा हैं।

सऊदी अरब आतंकियों का ठिकाना,उनके अंदर है वहाबियों वाली विचार धारा:ईरान

ईरान : ईरान ने कहा है कि दुनिया यह जान गयी है कि सऊदी अरब और वहाबी विचारधारा ही मध्यपूर्व और दूसरे क्षेत्र में चरमपंथी हिंसा का स्रोत है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासेमी ने गुरुवार को कहा कि सऊदी अरब की आतंकवाद में अपनी संलिप्तता को छिपाने की कोशिश नाकाम हो गयी है। उन्होंने कहा, “दुनिया की सबसे भयंकर आतंकवादी कार्यवाही और यमन में पेट्रो डॉलर के ज़रिए बाल जनसंहार में संलिप्तता जैसी सच्चाई को छिपाने की सऊदी अरब की निरंतर कोशिश के बावजूद, आज दुनिया अच्छी तरह जान गयी है कि इस आतंक का स्रोत सऊदी अरब और उसकी जाली विचार धारा वहाबियत है।”बहराम क़ासेमी का “दुनिया की सबसे भयंकर आतंकवादी कार्यवाही” से अभिप्राय 11 सितंबर 2001 की अमरीका में घटी घटना है जिसे 19 लोगों ने अंजाम दिया था कि जिनमें से 15 सऊदी अरब के नागरिक थे और इन लोगों के बारे में कहा जाता है कि वे सऊदी शासन के संपर्क में थे। 11 सितंबर की घटना में 3000लोग मारे गए थे। ज्ञात रहे सऊदी अरब वहाबी विचारधारा का खुल्लम खुल्ला प्रचार किया जाता है।

मोरक्को -दो इस्लामिक हस्तिया बीच पे खुलेआम सेक्स करते पकड़े गय

मोरक्को -60 साल की अधिक उम्र के इस्लामिक हस्तियों जोकि बीच पे सेक्स के आरोपी है इन के ऊपर चल रहे मुकदमे को स्थगित कर दिया गया है .मोहम्मदिया कसबे के बीच पर बिना शादी शुदा हुयें सेक्स करने के आरोप ओमर बेनहम्माद जोकि 63 साला के है और फर्तिमा नज्जार जोकि 63 साल की है को बीस अगस्त को गिरफ्तार किया गया थाकोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों गैर मौजूद रहे थे दोनों ने इसके पीछे सेहत को वज़ह बतायाहै इसके लियें मेडिकल सर्टिफिकेट भी जमा किया हैअगली सुनवाई 22 सितम्बर को होगी .नज्जार जोकि विधवा है और 6 बच्चो की माँ है पे अगर जुर्म साबित होगा तो उनको सज़ा के तौर पे एक महीने से लेकर एक साल तक जेल में रहना पड़ सकता है वही बेनहम्माद जोकि शादी शुदा है और 7 बच्चो के पिता है भी नज्जार के साथ जिस्मानी सम्बन्ध बनाने का आरोपी बनाया गया हैवही बेनहम्माद ने अपने बचाव में कहा है कि उन्होंने नज्जार के साथ शादी की है लेकिन शादी का कोई कागज़ी दस्तावेज़ नही हैआप को बता दे दोनों मोरक्को रिफार्म एंड यूनिटी मूवमेंट के वाईस प्रेसिडेंट है ये सश्था जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी की रिलीजियस विंग हैइन दोनों को पार्टी ने इस घटना के बाद निकाल दिया हैसेक्स स्कैंडल ऐसे समय में सामने आया है जब मोरक्को में चुनाव होने वाले ह

सामाजिक सुधार के नाम पर मजहब सेछेड़खानी बर्दाश्त नही:मुस्लिम पर्सनल लौ बोर्ड

दिल्ली:आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में चल रहे ट्रिपल तलाक़ के कानून को बंद करने के मामले में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पर्सनल लॉ को इस तैह से चैलेंज नहीं किया जा सकता कटुबकी ऐसा करना अभिव्यक्ति की आज़ादी खत्म करने के जैसा होगा।बोर्ड ने यह भी कहा कि सामाजिक सुधार के नाम पर वो धर्म और धर्म ग्रंथों में लिखे गए नियमों को बदलने की सोच का समर्थन हरगिज़ नहीं करेंगे।

महिला सुरक्षा है ताक पर और कुछ राजनितिक हाथ पड़े है तलाक के पीछे।

देश की दस कड़ोड़ महिलायें इस्लामिक रस्मो की हिफाज़त के लियें लड़ेंगी .उन्होंने कहा भारतीय समाज में महिला उत्पीडन बड़ी समस्या है जिसमे कि दहेज़,डोमेस्टिक वायलेंस और महिलाओं की सुरक्षा जैसे कई मुद्दे है जोकि भारतीय महिलाओ में खौफ पैदा करती है लेकिन इन मामलो नज़रंदाज़ करके तलाक के मसले पर मीडिया में डिबेट कराई जा रही है या यु कहें किसी के इशारे पर करवाई जा रही हैउन्होंने मीडिया द्वारा प्रोपगंडा करने पर भी मीडिया की भी आलोचना की .अस्मा जहरा हैदराबाद से भोपाल एक जलसे को संबोदित करने आई थी।
आल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने सरकार द्वारा मुस्लिम के मज़हबी मामलो में दखल देनेपर सख्त एतराज़ किया है .डाक्टर अस्मा जेहरा जोकि आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड की एग्जीक्यूटिव कमिटी मेम्बर है ने मीडिया से बातचीत में कहा “भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है मुसलमानों को संविधान ये हक देता है हम अपने मज़हबी अरकान अपने हिसाब से तय करे .मुस्लिम ही नही यहाँ हर धर्म को अपने हिसाब से अपने धार्मिक क्रिया कर्म करने की इज़ाज़त है मुस्लिम पर्सनेल ला बोर्ड पाक कुरान और पैगमबर मुहम्मद की सुन्नत पे चलता हैहम अपने मज़हबी मामलो में किसी भी प्रकार की दखल अंदाजी के खिलाफ है

भाजपा चुनाव के लिए खड़ी कर रही आईटी एक्सपर्ट की फौज, अमित शाह देंगेटिप्स

लखनऊ।शाह आईटी एक्सपर्ट को लखनऊ प्रवास के दौरान भाजपा से यूथ को जोड़ने के टिप्स देंगे। सम्मलेन में करीब 350 एक्सपर्ट भाग लेंगे। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता चन्द्र मोहन ने बताया कि 3 सितंबर को राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यशाला में प्रदेश के सभी क्षेत्रीय एवं जिला मीडिया प्रभारी और मीडिया संपर्क प्रमुखों का मार्गदर्शन करने के अलावा शाम 4.50 बजे डा. राम मनोहर लोहिया लॉ यूनिवर्सिटी के डा. बीआर अम्बेडकर ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। यहाँ बता दें कि कोंग्रेस के चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर भी यूपी चुनाव में सोशल मीडिया का अधिक इस्तेमाक की रणनीति पर काम कर रहे हैं।भाजपा लोकसभा चुनाव की तर्ज पर उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भी बड़े पैमानेपर सोशल मीडिया और सूचना प्रधोगिकी यानि आईटी का इस्तेमाल करने जा रही है। इसके लिए करीब साढ़े तीन सौ आईटी एक्सपर्ट की एक पूरी फौज खड़ी की गई है, जिन्हें कुछ ज़रूरी टिप्स देने के लिए शनिवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ आ रहे हैं।भाजपा की रणनीति है केंद्र की अब तक की उपलब्धियों के साथ पार्टी की हरेक गतिविधियां जनता तक सोशल मीडिया के माध्यम से पहुँचाना। विरोधियों की हर चल और बात का जवाब भी इसके माध्यम से दिया जाएगा। शुक्रवार को एक न्यूज़ चैनल के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कह चुके हैं कि उनकी पार्टी यूपी में विकास को मुद्दा बनाएगी। आईटी टीम पार्टी के इस कार्यको बढ़ाने में उसका भरपूर साथ देगी। इस क्रम में 3 सितंबर को लखनऊ में सोशल मीडिया वॉलेन्टियर्स का सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है जिसे अमित शाह संबोधित करेंगे। शाह सम्मेलन में शामिल भाजपा के मीडिया प्रभारियों और आईटी एक्सपर्ट को भी टिप्स देंगे। इसके लिए सूबे भर के भाजपा से जुड़े आईटी एक्सपर्ट इकट्ठे किए जा रहे हैं। अमित शाह की शनिवार को पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक भी है। के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि चुनाव से पहले सोशल मीडिया के सहारे भाजपा हर बूथ और यूथ तक पहुंचना चाहती है। सम्मलेन के तुरंत बाद भाजपा सोशल मीडिया के माध्यम से काम शुरू कर देगी। 

हिन्दुस्तान में ईद उल अज़हा की तारिख हुई मुक़र्रर,13 को मनाई जायेगी बकरा ईद।

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में ईद उल अजहा 13सितम्बर को मनाई जायेगी.रीयत ऐ हिलाल कमिटी हैदराबाद डेक्कन ने इस बात का एलान किया .एलान करते वक़्त कमिटी ने कहा चुकी आज चाँद नही दिखायी दिया इस लियें ईद 13 सितम्बर को मनाई जाएगी .मजलिस ऐ उलेमा डेक्कन के सेक्रेटरी जनरल और मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के मेम्बर सयेद कुबूल पाशा शुत्तरी भी मौजूद थे .देश के बाकी हिस्सों में भी ईद अल अजहा 13 सितम्बर को ही मनाये जाने का एलान होने के समाचार प्राप्त हो रहे ह

बियर बोतल सामने देख मुस्लिम खिलाडी ने प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया से नही की बात

कुछ ऐसे शक्श भी है इस दुनिया में जिनको पैसा आने के बाद भी अल्लाह का डर और भरम होता है,वही देखने को मिला है यहाँ,वेलेंशिया -जर्मनी में जन्मे आर्सेनल फुटबॉलर श्कोद्रन मुस्ताफी ने मीडिया से बात करने से इसलियें इनकार कर दिया क्युकी जहाँ प्रेस कांफ्रेंस हो रही थी वहां बियर बोतल रखी हुयी थीआपको बता दे मुस्ताफी आर्सेनल क्लब के स्टारखिलाड़ी है और साथ ही इस्लाम पे अकीदत रखने वाले मज़हब के हर अरकान पे चलने वाले इंसान भीहै उनके माता पिता अल्बानिया से है .प्रेस कांफ्रेंस में शराब की बोतल से वो इस कधर नाराज़ थे कि उन्होंने वेलेंशिया चीफ को भी गुस्से में बात की और कहा ये सब मेरे नजरो से हटाओ

बियर बोतल सामने देख मुस्लिम खिलाडी ने प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया से नही की बात

वेलेंशिया -जर्मनी में जन्मे आर्सेनल फुटबॉलर श्कोद्रन मुस्ताफी ने मीडिया से बात करने से इसलियें इनकार कर दिया क्युकी जहाँ प्रेस कांफ्रेंस हो रही थी वहां बियर बोतल रखी हुयी थीआपको बता दे मुस्ताफी आर्सेनल क्लब के स्टारखिलाड़ी है और साथ ही इस्लाम पे अकीदत रखने वाले मज़हब के हर अरकान पे चलने वाले इंसान भीहै उनके माता पिता अल्बानिया से है .प्रेस कांफ्रेंस में शराब की बोतल से वो इस कधर नाराज़ थे कि उन्होंने वेलेंशिया चीफ को भी गुस्से में बात की और कहा ये सब मेरे नजरो से हटाओ

हज के दौरान मुस्लिमो की सेवा करना ही हमारा धर्म:प्रिंस फैसल

रियाद: मदीना शहर के गवर्नर प्रिंस फ़ैसल बिन सलमान जो कि दो पवित्र मस्जिदों के कस्टोडियन भी हैं, ने कहा कि हज के दौरान हाजियों की सेवा करना ही उनकी प्राथमिकता है. सिक्यूरिटी अफ़सरान से अपनी मीटिंग के दौरान उन्होंने कहा कि हाजियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान दिया जाएगा. उन्होंने हाजियों की सेवा पे ख़ास ध्यान देने की बात कही.इस्लाम मज़हब में जो पांच चीज़ें फ़र्ज़ हैं उनमें से हज भी है. हर मुसलमान को जो इस लायक़ हो कि वो हज कर सके, उसे एक बार हज ज़रूर करना चाहिए.

मोदी सरकार मे मंत्री वैंकया नायुडू का दिलचस्प बयान “मॉम की जगह अम्मा शब्द बोलना चाहिए”

चेन्ऩई। जब से मोदी सरकार केंद्र की सत्ता मे आई है मोदी के मंत्री कुछ न कुछ उटपटांग बयान देते नज़र आ रहे हैं , बयानों के फेहरिस्त मे नया नाम जुड़ गया है केंद्रीय मंत्री वैंकया नायुडू का जिन्होंने चेन्नई के एक कार्यक्रम में दिलचस्प भाषण सामने आयाहै। यहां उन्होंने अपनी भाषा को प्रमोट करनेपर जोर देते हुए कहा कि लोगों को गुड मॉर्निग, ऑफ्टर नून और गुड इवनिंग शब्दों को बोलने के बजाए सीधे-सीधे नमस्कार बोलना चाहिए क्योंकि नमस्कार ही संस्कार है।Facebook पर हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करेंकेंद्रीय मंत्री ने इसके अलावा कहा कि मॉम, मम्मी और मदर की जगह अम्मा शब्द बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे समझ में नहीं आता कि लोग गुड मॉर्निंग और गुड आफ्टरनून जैसे शब्दों का इस्तेमाल क्यों करते हैं? उन्होंने कहा कि सीधे सीधे नमस्कार बोलिए, नमस्कार ही संस्कार है। अपना इतना अच्छा शब्द है अम्मा अब इसकी जगह मॉम, मम्मी या मदर क्यों बोलते है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी भाषा को बढ़ावा देना चाहिए।

मरना है मंज़ूर पर भरस्टाचार से समझोता कतई गवारा नहीं।

जुझारू नेता अरविन्द केजरीवाल ने दिया बयान,
नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि बख्रास्त मंत्री संदीप कुमार ने उन मूलभूत मूल्यों के साथ ‘‘धोखा’’ किया है जिनके साथ आप कभी समझौता नहीं कर सकता है। उन्होंने भ्रष्टाचार समेत ऐसे सभी गलत मामलों के प्रति ‘‘उदासीनता’’ बरतने के लिए विरोधी पार्टियों को भी आड़े हाथों लिया।वीडियो संदेश में केजरीवाल ने जोर देकर कहा कि आप के नियम कायदों को भूलने से तो अच्छा वे मरना पसंद करेंगे। उन्होंने कहा कि यह नियम खुद उन पर और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं पर भी लागू होता है।उन्होंने कहा, ‘‘संदीप कुमार ने पार्टी को धोखा दिया है, उन्होंने आप के आंदोलन समेत आपमें भरोसा जताने वाले देशभर के सभी लोगों को धोखा दिया है। हम अपने मूलभूत मूल्यों के साथ समझौता कभी भी नहीं करेंगे। गलत काम को बर्दाश्त करने के बजाए हम मर जाना पसंद करेंगे।’’ कल रात केजरीवाल ने महिला एवं बाल कल्याण मंत्री तथा सामाजिक कल्याण मंत्री संदीप कुमार को अपनी मंत्रिपरिषद से एकाएक बख्रास्त कर दिया था। इसकी वजह वह नौ मिनट कावीडियो था जिसमें कुमार एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहे हैं।

12 सितम्बर को मनाई जायेगी बकरा ईद।

सऊदी अरब :पहली सितम्बर को देश में चाँद ना नज़र आने के वज़ह से सऊदी अरब की रिलीजियस अथॉरिटी ने ईद अल अदहा को 12 सितम्बर को मनाने का एलान किया हैईद अल अदहा मुसलमान हर वर्ष मनाते है सऊदी अरब में इस दिन अधिकारिक रूप से छुट्टी दी जाती हैंयूनाइटेड स्टेट्स की फिकह कौंसिल ने भी एलानकिया है कि वो सऊदी अरब के रिलीजियस अथॉरिटी के मुताबिक ही 12 सितम्बर को ईद मनाएंगे .

मंदिर से मिला असला बारूद सबने साधी चुप्पी,मस्जिद होती तो पूरी कौम होती आतंकवादी।

प्रतापगढ।उत्तर प्रदेश में प्रतापगढ जिले के सांगीपुर क्षेत्र में स्थित एक मंदिर परिसर से पुलिस ने दो संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 20 देशी बम बरामद किये। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जिला मुख्यालय tjसे करीब 50 किलोमीटर दूर घुइसरनाथ धाम मन्दिर परिसर से दो संदिग्ध लोगों को पकडा। तलाशी के दौरान उनके पास से 20 देशी बम के साथ-साथ, एे. के. 47 के हजारो कारतूस व पिस्टल आदि गैरकानूनी हथियार बरामद किए गये है।तीसरी जंग की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बताया कि पकडे गये लोगों में बिहारीगंज निवासी राजकुमारऔर अमेठी के गौरीगंज निवासी तुलसीराम शामिल हैं। पूछताछ पर बताया कि रोजगार नहीं होने पर वे जेब काटने का काम करते हैं। अभी यह पता लगाया जा रहा हैकि ये लोग किस इरादे से बम लेकर मंदिर परिसर आये थे।पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। लेकिन इस मामले पर मीडिया की खामोशी इस बात की तरफ इशारा कर रही हे कि इसमे RSS तथा भगवा आतंकवादियो का हाथ हो सकता है।गनीमत की बात ये है कि ऐसा किसी मदरसा, मस्जिद या चर्च के अगल बगल से नहीं हुआ वर्ना मीडिया अब तक इसके तार…देश से लेकर विदेशों तक जोड़ देता और न जाने कितने बेगुनाह जेलों में भर दिए जाते। घटना अगस्त महिने के मध्य की है लेकिन इन 15 दिनों में सोशल मीडिया के आलावा किसी भी अख़बार, चैनल ने इस खबर को जगह नहीं दी।

Thursday, 1 September 2016

मुसलमान है सबसे बेवकूफ कौम,आज के हालात इसी पागलपन का नतीजा है।

इस पोस्ट को करने का लेखक का साफ़ नाज़िरिया है,के वो मुस्लिम धर्म से फिरकापरस्तों को जड़ से मिटाने की इक कोशिश कर रहा है अगर आपको इस लेखक की बात समझ आती है तो कृपया करके इसपर अमल करे और अमन शांति को बढ़ावा दे।
हिंदुओं में सिर्फ़ 73 नहीं बल्कि हज़ारों फ़िरके मौजूद हैं मगर धर्म के आधार पर वो कभी नहीं लड़ते । सिखों में अकाली व निरंकारी कभीएक दूसरे के मतभेद के बावजूद नहीं लड़ते । दिगम्बर जैन और श्वेतामबर जैन दोनों समुदायों में बहुत ज़बरदस्त मतभेद है कि दिगम्बर मुनि नंगे रहते हैं और श्वेताम्बर सिर से पैर तक श्वेत वस्त्र धारण करते हैं, मगर क्या मजाल है कि अपने प्रवचनों के दौरानएक दूसरे की आलोचना करें या गालियों से नवाज़ें ।ईसाइयों में रोमन कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट फ़िरकों के बीच प्रारम्भ में कड़वाहट रही मगर जल्द ही दोनों को अक्ल आ गयी और उन्होंने लड़ना बंद कर दिया ।पूरी दुनियाँ  में सिर्फ़ मुसलमान ही ऐसी बेवकूफ कौम है जिसने अपने दीन की छोटी छोटी बातों पर बड़े बड़े विवाद खड़े किये और बेशुमारफ़िरके बना डाले। हर फ़िरका अपने आप में एक दीन बन गया और उसने सिर्फ़ खुद को मुसलमान और दूसरे फ़िरकों को काफ़िर समझना शुरू कर दिया।फेसबुक पर हमारा पेज लाइक करने की लिये, यहाँ क्लिक करे…जिस कौम का दीन एक रब  एक रसूल एक कुरआन एक  किबला एक हो फिर  भी हज़ारों तरह के मज़हबी झगड़े ? आखिर अल्लाह इन पागलों पर अपनी रहमतें क्यों नाज़िल फ़रमाये और क्यों न मुसीबत में डाले आज जो हालात पूरी दुनियाँ में मुसलमानों के हैं वो इसी पागलपन का नतीजा है ।अभी भी वक्त है कि मुसलमान सुधर जायें इस्लाम को मज़बूती से थाम लें और एक ठोस उम्मत बन जायें एंव पिछली बेवकूफ़ियाँ न दोहरायें।फेसबुक पर हमारा पेज लाइक करने की लिये, यहाँ क्लिक करे…


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क्या 4 शादियां कर 40 बच्चे पैदा कर रहे हैं मुसलमान: मिथ और सच्चाई!

मुसलमानों की आबादी बाक़ी देश के मुक़ाबले तेज़ी से क्यों बढ़ रही है? क्या मुसलमान जानबूझ कर तेज़ी से अपनी आबादी बढ़ाने में जुटे हैं? क्या मुसलमान चार-चार शादियाँ कर अनगिनत बच्चे पैदा कर रहे हैं? क्या मुसलमान परिवार नियोजन को इसलाम-विरोधी मानते हैं? क्या हैं मिथ और क्या है सच्चाई? एक विश्लेषण.तो साल भर से रुकी हुई वह रिपोर्ट अब जारी होनेवाली है! हालाँकि रिपोर्ट 'लीक' हो कर तब ही कई जगह छप-छपा चुकी थी. अब एक साल बाद फिर 'लीक' हो कर छपी है. ख़बर है कि यह सरकारी तौर पर जल्दी ही जारी होनेवाली है! रिपोर्ट 2011 की जनगणना की है. देश की आबादी में मुसलमानों का हिस्सा बढ़ गया है. 2001 में कुल आबादी में मुसलमान 13.4 प्रतिशत थे,जो 2011 में बढ़ कर 14.2 प्रतिशत हो गये! असम, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, केरल, उत्तराखंड, हरियाणा और यहाँ तक कि दिल्ली की आबादी में भी मुसलमानों का हिस्सा पिछले दस सालों में काफ़ी बढ़ा है! असम में 2001 में क़रीब 31 प्रतिशत मुसलमान थे, जो 2011 में बढ़ कर 34 प्रतिशत के पारहो गये. पश्चिम बंगाल में 25.2 प्रतिशत से बढ़ कर 27, केरल में 24.7 प्रतिशत से बढ़ कर 26.6, उत्तराखंड में 11.9 प्रतिशत से बढ़ कर 13.9, जम्मू-कश्मीर में 67 प्रतिशत से बढ़ कर 68.3, हरियाणा में 5.8 प्रतिशत से बढ़ कर 7 और दिल्ली की आबादी में मुसलमानों का हिस्सा 11.7 प्रतिशत से बढ़ कर 12.9 प्रतिशत हो गया. क्या हुआ बांग्लादेशियों का?वैसे बाक़ी देश के मुक़ाबले असम और पश्चिम बंगाल में मुसलिम आबादी में हुई भारी वृद्धि के पीछे बांग्लादेश से होनेवाली घुसपैठ भी एक बड़ा कारण है. दिलचस्प बात यह है कि नौ महीने पहले अपने चुनावप्रचार के दौरान नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में एक सभा में दहाड़ कर कहा था कि बांग्लादेशी घुसपैठिये 16 मई के बाद अपना बोरिया-बिस्तर बाँध कर तैयार रहें, वह यहाँ रहने नहीं पायेंगे. लेकिन सत्ता में आने के बाद से अभी तक सरकार ने इस पर चूँ भी नहीं की है! तब हिन्दू वोट बटोरने थे, अब सरकार चलानी है. दोनों में बड़ा फ़र्क़ है! ज़ाहिर है कि अब भी ये आँकड़े साक्षी महाराज जैसों को नया बारूदभी देंगे. वैसे हर जनगणना के बाद यह सवाल उठता रहा है कि मुसलमानों की आबादी बाक़ी देश के मुक़ाबले ज़्यादा तेज़ क्यों बढ़ रही है? और क्या एक दिन मुसलमानों की आबादी इतनी बढ़ जायेगी कि वह हिन्दुओं से संख्या में आगे निकल जायेंगे? ये सवाल आज से नहीं उठ रहे हैं. आज से सौ साल से भी ज़्यादा पहले 1901 में जब अविभाजित भारत में आबादी के आँकड़े आये और पता चला कि 1881 में 75.1 प्रतिशत हिन्दुओं के मुक़ाबले 1901 में उनका हिस्सा घट कर 72.9 प्रतिशत रह गया है, तब बड़ा बखेड़ा खड़ा हुआ. उसके बाद से लगातार यह बात उठती रही है कि मुसलमान तेज़ी से अपनी आबादी बढ़ाने मेंजुटे हैं, वह चार शादियाँ करते हैं, अनगिनत बच्चे पैदा करते हैं, परिवार नियोजन को ग़ैर-इसलामी मानते हैं और अगर उन पर अंकुश नहीं लगाया गया तो एकदिन भारत मुसलिम राष्ट्र हो जायेगा!क्या अल्पसंख्यक हो जायेंगे हिन्दू?अभी पिछले दिनों उज्जैन जाना हुआ. दिल्ली के अपने एक पत्रकार मित्र के साथ था. वहाँ सड़क पर पुलिस केएक थानेदार महोदय मिले. उन्हें बताया गया कि दिल्ली के बड़े पत्रकार आये हैं. तो कहने लगे, साहबबुरा हाल है. यहाँ एक-एक मुसलमान चालीस-चालीस बच्चे पैदा कर रहा है. आप मीडियावाले कुछ लिखते नहीं है! सवाल यह है कि एक थानेदार को अपने इलाक़े की आबादी के बारे में अच्छी तरह पता होता है. कैसे लोग हैं, कैसे रहते हैं, क्या करते हैं, कितने अपराधी हैं, इलाक़े की आर्थिक हालत कैसी है, वग़ैरह-वग़ैरह. फिर भी पुलिस का वह अफ़सर पूरी ईमानदारी से यह धारणा क्यों पाले बैठा था कि एक-एक मुसलमान चार-चार शादियाँ और चालीस-चालीस बच्चे पैदा कर रहा है! यह अकेले उस पुलिस अफ़सर की बात नहीं. बहुत-से लोग ऐसा ही मानते हैं. पढ़े-लिखे हों या अनपढ़. साक्षी महाराज हों या बद्रिकाश्रम के शंकराचार्य, जो हिन्दू महिलाओं को चार से लेकर दस बच्चे पैदा करने की सलाह दे रहे हैं! क्यों? तर्क यही है न कि अगर हिन्दुओं ने अपनी आबादी तेज़ी से नबढ़ायी तो एक दिन वह 'अपने ही देश में अल्पसंख्यक' हो जायेंगे!मुसलमान: मिथ और सच्चाई!यह सही है कि मुसलमानों की आबादी हिन्दुओं या और दूसरे धर्मावलम्बियों के मुक़ाबले ज़्यादा तेज़ीसे बढ़ी है. 1961 में देश में केवल 10.7 प्रतिशत मुसलमान और 83.4 प्रतिशत हिन्दू थे, जबकि 2011 में मुसलमान बढ़ कर 14.2 प्रतिशत हो गये और हिन्दुओं के घट कर 80 प्रतिशत से कम रह जाने का अनुमान है. लेकिन फिर भी न हालत उतनी 'विस्फोटक' है, जैसी उसे बनाने की कोशिश की जा रही और न ही उन तमाम 'मिथों' में कोई सार है, जिन्हें मुसलमानों के बारे में फैलाया जाता है. सच यह है कि पिछले दस-पन्द्रह सालों में मुसलमानों की आबादी की बढ़ोत्तरी दर लगातार गिरी है. 1991 से 2001 के दस सालों के बीचमुसलमानों की आबादी 29 प्रतिशत बढ़ी थी, लेकिन 2001 से 2011 के दस सालों में यह बढ़त सिर्फ़ 24प्रतिशत ही रही. हालाँकि कुल आबादी की औसत बढ़ोत्तरी इन दस सालों में 18 प्रतिशत ही रही. उसके मुक़ाबले मुसलमानों की बढ़ोत्तरी दर 6 प्रतिशत अंक ज़्यादा है, लेकिन फिर भी उसके पहले केदस सालों के मुक़ाबले यह काफ़ी कम है. एक रिसर्च रिपोर्ट (हिन्दू-मुसलिम फ़र्टिलिटी डिफ़्रेन्शियल्स: आर. बी. भगत और पुरुजित प्रहराज) के मुताबिक़ 1998-99 में दूसरे राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के समय जनन दर (एक महिला अपने जीवनकाल में जितने बच्चे पैदा करती है)हिन्दुओं में 2.8 और मुसलमानों में 3.6 बच्चा प्रति महिला थी. 2005-06 में हुए तीसरे राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (Vol 1, Page 80, Table 4.2) के अनुसार यह घट कर हिन्दुओंमें 2.59 और मुसलमानों में 3.4 रह गयी थी. यानी औसतन एक मुसलिम महिला एक हिन्दू महिला के मुक़ाबले अधिक से अधिक एक बच्चे को और जन्म देती है. तो ज़ाहिर-सी बात है कि यह मिथ पूरी तरह निराधार है कि मुसलिम परिवारों में दस-दस बच्चे पैदा होते हैं. इसी तरह, लिंग अनुपात को देखिए. 1000 मुसलमान पुरुषों के मुक़ाबले महिलाओं की संख्या 936 है. यानी हज़ार में कम से कम 64 मुसलमान पुरुषों को अविवाहित ही रह जाना पड़ता है.ऐसे में मुसलमान चार-चार शादियाँ कैसे कर सकते हैं?मुसलमान और परिवार नियोजनएक मिथ यह है कि मुसलमान परिवार नियोजन को नहीं अपनाते. यह मिथ भी पूरी तरह ग़लत है. केवल भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में मुसलिम आबादी बड़ी संख्या में परिवार नियोजन को अपना रही है. ईरान और बांग्लादेश ने तो इस मामले में कमाल ही कर दिया है.1979 की धार्मिक क्रान्ति के बाद ईरान ने परिवार नियोजन को पूरी तरह ख़ारिज कर दिया था, लेकिन दस साल में ही जब जनन दर आठ बच्चों तक पहुँच गयी, तो ईरान के इसलामिक शासकों को परिवार नियोजन की ओर लौटना पड़ा और आज वहाँ जनन दर घट कर सिर्फ़ दो बच्चा प्रति महिला रह गयी है यानी भारत की हिन्दू महिला की जनन दर से भी कम! इसी प्रकार बांग्लादेश में भी जनन दर घट कर अब तीन बच्चों पर आ गयी है. प्रसिद्ध जनसांख्यिकी विद् निकोलस एबरस्टाट और अपूर्वा शाह के एक अध्य्यन (फ़र्टिलिटी डिक्लाइन इन मुसलिम वर्ल्ड) के मुताबिक़ 49 मुसलिम बहुल देशों में जनन दर 41 प्रतिशत कम हुई है, जबकि पूरी दुनिया में यह 33 प्रतिशत ही घटी है. इनमें ईरान, बांग्लादेश के अलावा ओमान, संयुक्त अरब अमीरात, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, लीबिया, अल्बानिया, क़तर और क़ुवैत में पिछले तीन दशकों में जनन दर 60 प्रतिशत से ज़्यादा गिरी है और वहाँ परिवार नियोजन को अपनाने से किसी को इनकार नहीं है. भारत में मुसलमान क्यों ज़्यादा बच्चे पैदा करते हैं? ग़रीबी और अशिक्षा इसका सबसे बड़ा कारण है.भगत और प्रहराज के अध्य्यन के मुताबिक़ 1992-93 के एक अध्य्यन के अनुसार तब हाईस्कूल या उससे ऊपर शिक्षित मुसलिम परिवारों में जनन दर सिर्फ़ तीन बच्चा प्रति महिला रही, जबकि अनपढ़ परिवारों में यह पाँच बच्चा प्रति महिला रही. यही बात हिन्दू परिवारों पर भी लागू रही. हाईस्कूल व उससे ऊपर शिक्षित हिन्दू परिवार में जनन दर दो बच्चा प्रति महिला रही, जबकि अनपढ़ हिन्दू परिवार में यह चार बच्चा प्रति महिला रही [स्रोत IIPS (1995): 99]. ठीक यही बात आर्थिक पिछड़ेपन के मामले में भी देखने में आयी और अनुसूचित जातियों व अनुसूचित जनजातियों में जनन दर औसत से कहीं ज़्यादा पायी गयी. 2005-06 के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (Vol 1, Page 80, Table 4.2) में भी यही सामने आया कि समाज के बिलकुल अशिक्षित वर्ग में राष्ट्रीय जनन दर 3.55 और सबसे ग़रीब वर्ग में3.89 रही, जो राष्ट्रीय औसत से कहीं ज़्यादा है. औरइसके उलट सबसे अधिक पढ़े-लिखे वर्ग में राष्ट्रीय जनन दर केवल 1.8 और सबसे धनी वर्ग में केवल 1.78 रही. यानी स्पष्ट है कि समाज के जिस वर्ग में जितनीज़्यादा ग़रीबी और अशिक्षा है, उनमें परिवार नियोजन के बारे में चेतना का उतना ही अभाव भी है. इसलिए जनन दर को नियंत्रण में लाने के लिए शिक्षा और आर्थिक विकास पर सबसे पहले ध्यान देना होगा.गर्भ निरोध से परहेज़ नहींपरिवार नियोजन की बात करें तो देश में 50.2 प्रतिशत हिन्दू महिलाएँ गर्भ निरोध का कोई आधुनिकतरीक़ा अपनाती हैं, जबकि उनके मुक़ाबले 36.4 प्रतिशत मुसलिम महिलाएँ ऐसे तरीक़े अपनाती हैं (राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-3, 2005-06, Vol 1, Page 122, Table 5.6.1). इससे दो बातें साफ़ होती हैं. एक यह कि मुसलिम महिलाएँ गर्भ निरोध के तरीक़े अपना रही हैं, हालाँकि हिन्दू महिलाओं के मुक़ाबले उनकी संख्या कम है और दूसरी यह कि ग़रीब और अशिक्षित मुसलिम महिलाओं में यह आँकड़ा और भी घट जाता है. ऐसे में साफ़ है किमुसलिम महिलाओं को गर्भ निरोध और परिवार नियोजन से कोई परहेज़ नहीं. ज़रूरत यह है कि उन्हें इस बारे में सचेत, शिक्षित और प्रोत्साहित किया जाये.दूसरी एक और बात, जिसकी ओर कम ही ध्यान जाता है. हिन्दुओं के मुक़ाबले मुसलमान की जीवन प्रत्याशा (Life expectancy at birth) लगभग तीन साल अधिक है. यानी हिन्दुओं के लिए जीने की उम्मीद 2005-06 में 65 साल थी, जबकि मुसलमानों के लिए 68 साल. सामान्य भाषा में समझें तो एक मुसलमान एक हिन्दू के मुक़ाबले कुछ अधिक समय तक जीवित रहता है ( Inequality in Human Development by Social and Economic Groups in India). इसके अलावा हिन्दुओं में बाल मृत्यु दर 76 है, जबकि मुसलमानोंमें यह केवल 70 है (राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-3, 2005-06, Vol 1, Page 182, Table 7.2). यह दोनों बातें भी मुसलमानों की आबादी बढ़ने का एक कारण है. आबादी का बढ़ना चिन्ता की बात है. इसपर लगाम लगनी चाहिए. लेकिन इसका हल वह नहीं, जो साक्षी महाराज जैसे लोग सुझाते हैं. हल यह है कि सरकार विकास की रोशनी को पिछड़े गलियारों तक जल्दी से जल्दी ले जाये, शिक्षा की सुविधा को बढ़ाये, परिवार नियोजन कार्यक्रमों के लिए ज़ोरदार मुहिम छेड़े, घर-घर पहुँचे, लोगों को समझे और समझाये तो तसवीर क्यों नहीं बदलेगी? आख़िर पोलियो के ख़िलाफ़ अभियान सफल हुआ या नहीं!(ये लेखक के निजी विचार हैं। लेखक वरिष्ठ पत्रकार व लेखक हैं। यह लेख उनके ब्लॉग "राग देश" से साभार लिया गया है।)

43% मुस्लिम निरक्षर , मुस्लिम सबसे अशिक्षित समुदाय,आज के हालात इसी का नतीजा।

नई दिल्ली -भारत में तालीम में मुस्लिम कितने पीछे है इसको 2011 सेन्सस के आकड़ो से जाना जा सकता है मुस्लिम समुदाय के 43 परसेंट हिस्सा निरक्षर हैजोकि धार्मिक आधार पे संकेत दे रहा है कि मुस्लिम शिक्षा में सबसे पिछड़ा है वही जैन समुदाय में सिर्फ 13 फीसद निरक्षर है इस तरहजैन समुदाय भारत का सबसे शिक्षित समुदाय हैवही हिन्दू में 36 परसेंट निरक्षर है और सिखमें 32 फीसद निरक्षर है बौध मे ये दर 28 फ़साद और ईसाईयों में 25 फीसद हैमुसलमानों में स्नातक सिर्फ 2.7 फीसद है वहीसिर्फ .44 टेकनिकल डिग्री या डिप्लोमा होल्डर ह

AIMIM को रैली की इजाजत न देने वालेअधिकारियों की शिकायत चुनाव आयोग मेंकरेंगे ओवैसी

लखनऊ:आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के चीफ असदुद्दीन ओवैसी को कानपुर में दूसरी बार जनसभा करने की इजाज़त नहीं देने से बखेड़ा खड़ा हो गया है। इस मामले में एडिश्नल डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट अविनाश सिंह की संदिग्ध भूमिका से ओवैसी इस कदर खफा हैं कि उनकी चुनावी जनसभा में रोड़ा अटकाने वाले अधिकारियों के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत करने की मंशा ज़ाहिर की है। उनका कहना है कि ऐसे अधिकारियों को अभी उनकी जगह से नहीं हटाया गया तो वे चुनाव को भी प्रभावित कर सकते हैं।बता दें कि 28 अगस्त को ओवैसी की कानपुर के हलीम मुस्लिम कॉलेज ग्राउंड में जनसभा होनी थी। मगर प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। बताते हैं , एडीएम ने इस बारे में रिपोर्ट दी थी कि यदि ओवैसी की जनसभा हुई तो क्षेत्र मेंसपा का मुस्लिम जनाधार खिसक सकता है। इस समय क्षेत्र के सीसमन विधानसभा हलके की रहनुमाई सपा विधायक इरफ़ान सोलंकी करते हैं।इससे पहले 14 अगस्त को कानपुर में ओवैसी की जनसभा होनी थी। तब स्वतंत्रता दिवस का हवालादेकर प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। कानपुर के डीएम कौशल राज शर्मा ने एडीएम की रिपोर्ट पर आश्चर्य व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि कोई अधिकारी ऐसी रिपोर्ट कौसे दे सकता है। वह उसकी जांच खुद करेंगे। उन्होंने कहा कि जनसभा करन देने और नहीं करने देने की इजाज़त प्रशासन पुलिस रिपोर्ट के आधार पर देता है। एडीएम की रिपोर्ट को लेकर ज़रूर कोई ग़लत फहमी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि हलीम कॉलेज की ज़मीन को लेकर विवाद है। शायद इस लिए जनसभा की इजाज़त नहीं दी गई होगी। मगर ओवैसी प्रशासन के इस तर्क सेकतई सहमत नहीं। एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने कहा कि वे इस बारे में चुनाव आयोग से शिकायत करेंगे।https://m.facebook.com/Raziyaparveen7290/

दूसरे धर्म के आतंकी भी होते है बरी,और मुस्लिमो को शक के बिना पर आतंकी दिया जाता है करार:शरद पवार

मुंबई 31 अगस्त: एनसीपी सरबराह शरद पवार ने महाराष्ट्रा एटीएस पर मुस्लिम नौजवानों को महिज़ शुबा की बुनियाद पर दहशत-ज़दा करने और उन्हें गै़रक़ानूनी तौर पर महरूस रखने का इल्ज़ाम आइद किया।उनके बयान पर बीजेपी और मजलिस इत्तेहाद उलमुस्लिमीन ने नुक्ता-चीनी करते हुए कहा किवो सियासी फ़ायदे के लिए मौक़ा परसताना मौकुफ़इख़तियार कर रहे हैं। शरद पवार ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मुख़्तलिफ़ मुस्लिम तन्ज़ीमों के एक वफ़द ने उनसे हाल ही में मुलाक़ात की और मुस्लिम नौजवानों को आई एस या दुसरे ममनूआ तन्ज़ीमों से रवाबित के महिज़ शुबा की बिना दहशत-ज़दा करने पर तशवीश का इज़हार किया।शरद पवार ने बताया कि मुख़्तलिफ़ मुस्लिम तन्ज़ीमों की नुमाइंदगी कर रहे इस 28 रुकनी वफ़द ने ये शिकायत भी की कि एटीएस , मुस्लिम नौजवानों को दहशत-ज़दा कर रही है। इस वफ़द ने आईएस की सख़्ती से मुज़म्मत की और कहा कि मुस्लिम तबक़ा से ताल्लुक़ रखने वाले नौजवान कभी उस की सरगर्मीयों की ताईद नहीं करते।शरद पवार ने दावा किया कि एसी कई मिसालें खास्कर मरहटवाड़ा इलाके में सामने आएं जहां मुस्लिम नौजवानों को इन्सिदाद-ए-दहशत गर्दीस्क्वाड (एटीएस) ने शुबा की बुनियाद पर पकड़ा और उन्हें गै़रक़ानूनी हिरासत में रखा। क़ानून के मुताबिक़ किसी शख़्स को गिरफ़्तार करने के अंदरून 24 घंटे मजिस्ट्रेट के रूबरू पेश करना ज़रूरी है, लेकिन ऐसे कई वाक़ियात सामने आए कि 120 घंटे गुज़रने के बावजूद भी महरूस लोगों को यक्का-ओ-तन्हा और नामालूम मुक़ाम पर रखा गया।उन्होंने कहा कि हुकूमत को इस मुआमले का संजीदगी से जायज़ा लेना चाहीए। शरद पवार के बयान पर रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करते हुए बीजेपी तर्जुमान माधव भंडारी ने कहा कि एनसीपी लीडरने अक्सर फ़िर्क़ापरसताना और ज़ात पात पर मबनीसियासत की है लिहाज़ा उन्हें दूसरों को सबक़ देने का कोई अख़लाक़ी हक़ नहीं है।मजलिस इत्तेहाद उलमुस्लिमीन के रुकने असेंबली वारिस पठान ने कहा कि शरद पवार को एककिस्म का ख़बत है और उन्होंने ये जानना चाहा कि जिस वक़्त वो (शरद पवार) रियासत में इक़तिदार पर थे , उन्होंने बेक़सूर मुस्लिम नौजवानों को झूटे मुक़द्दमात में फांसने से रोकने के लिए क्या-किया? मालेगांव मुक़द्दमा का हवाला देते हुए पवार ने कहा कि मुस्लिम नौजवानों को 8 साल जेल में गुज़ारने के बाद अदालत ने बरी कर दिया।उन्होंने कहा कि ऐसा दूसरों के साथ नहीं होना चाहीए। बीजेपी तर्जुमान ने कहा कि एनसीपी लीडर चंद दिन से दो फ़िर्कावाराना कार्ड्स खेल रहे हैं। मजलिस के वारिस पठान ने कहा कि शरद पवार ये भूल गए उनकी हुकूमत में ही औरंगाबाद और मालेगांव मुक़द्दमात दर्ज किए गए थे। इन मुक़द्दमात में पाँच ता छःसाल चार्ज शीट क्युं दाख़िल नहीं की गई। इस वक़्त पवार हुकूमत ने कोई कार्रवाई क्युं नहीं की जबकि बेशुमार बेक़सूर मुस्लिम नौजवानों की ज़िंदगी अजीरन बन रही थी।

बलूचिस्तान से सेना हटाये पाकिस्तान,वरना 1971 जैसे बटवारे को रहे तैयार।

बलूच रिपब्लिकन पार्टी के अध्यक्ष ब्रह्मदाग खान बुगती ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है। उन्होंने पाकिस्तान से किसी भी बातचीत से पहले कहा कि सेना को पहले बलूच छोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो उन्हें 1971 जैसे परिणाम भुगतने पड़ेंगे।बलूच नेता ने कहा कि मैंने पाकिस्तानी अधिकारियों की तरफ से ऐसा बयान देते देखा है जिसमें कहा गया है कि वे बातचीत करना चाहते हैं। बुगती ने कहा कि हमने कभी नहीं कहा कि हम बात नहीं करना चाहते। ये पाकिस्तानी सेनाहै जो किसी भी मु्द्दे को ताकत के जरिए दबानाचाहती है। पाकिस्तानी सेना लोगों को बंधक बना कर रखना चाहती है। हम बातचीत के लिए तैयार हैं। लेकिन इसके लिए पाकिस्तानी सेना को पहले बलूचिस्तान से वैसे ही हटना होगा जैसे कि उसने 1971 में बांग्लादेश से किया था।इससे पहले बलूच नेता बुगती ने एक वीडियो संदेश भेजकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बलूचिस्तान की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाने के लिए दिल से धन्यवाद दिया था। बुगती ने अपने संदेश में स्पष्ट कहा था कि ‘हम न पाकिस्तान का हिस्सा थे, न हैं और न ही रहेंगे।’बुगती ने पाकिस्तान मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि वो बहुत मुश्किल से ही बलूचिस्तान की कोई खबर दिखाते हैं। जबकि पाकिस्तान की छोटी से छोटी खबर को बढ़ा-चढ़ा कर दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी मीडिया हाउस ने बलूचिस्तान के बारे में कुछ भी नहीं दिखाया। जबकि वहां हर दिन महिला-पुरुष की हत्या हो रही है। महिलाओं को घर से निकाला जाता है लेकिन पाकिस्तानी मीडिया की ओर से ये खबर नहीं दिखाई जाती है।

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