Header

Tuesday, 9 August 2016

कैराना की झुग्गियों मे रिस-रिस कर जिंदगी गुजारते चालीस हजार मुसलमान क्यों नजर नहीआते?

बिजनौर।  2017 विधानसभा चुनाव की तैयारी मे भाजपा ने हवा मे नया शिगूफा खडा किया है..."कैराना से हिन्दू परिवारों का पलायन"...कमाल की बात है जिस मीडिया को कैराना कश्मीर नजर आ रहा है उसी मीडिया को 2013 के दंगे मे विस्थापित होकर कैराना की झुग्गियों मे पडे रिस-रिस कर जिंदगी गुजारते चालीस हजार मुसलमान नजर नही आ रहे है।जबकी भाजपा सांसद द्वारा जारी की गई कैराना के 21 हिन्दू  मर्तको और 241 पलायन किये परिवारों को सूची कोरा गप्प है...जारी की गई सूची मे मदन लाल की हत्या बीस वर्ष पहले,सत्य प्रकाश जैन की 1991 मे, जसवंत वर्मा की बीस वर्ष पहले,श्रीचंद की 1991 मे,सुबोध जैन की 2009 मे, सुशील गर्ग की 2000 मे, डाक्टर संजय गर्ग की 1998 मे हुई थी...गौर करने वाली बात ये है कि लगभग इन सभी हत्याओं मे आरोपी भीहिन्दू समाज से ही है...रही बात पलायन करने वालों की तो जी न्यूज के सुधीर चौधरी को एक बार वो कैम्प भी दिखाना चाहिए जहाँ ये परिवार पलायन करने के बादरह रहे है...लेकिन वो ऐसा नही कर सकते क्योंकि ऐसा दिखाने के लिए कैराना से हिन्दुओं का पलायन होना जरूरी है जो की वास्तविकता मे कही है ही नही....आतंकवादी मीडिया 2013 की तरह एक बार फिर मेरे ईलाके के सौहार्द मे आग लगाकर संघ के ऐजेंडे पर काम कर रही है...और कैराना को कश्मीर प्रचारित करके प्रदेश भर के हिन्दुओं को डरा डराकर उनका वोटभाजपा की झोली मे डालने की मुहिम मे लगी है।

No comments:

Post a Comment

Comments system

Disqus Shortname

My site